होशियारपुर: गांव चक समाना में शुक्रवार शाम 4 बजे 30 फुट गहरे बोरवेल में गिरे चार साल के गुरकरन सिंह को NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने करीब 9 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात 12:40 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मजदूर हरिंदर और आशा के बेटे गुरकरन को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
गुरकरन घर के पास बने खुले बोरवेल में खेलते-खेलते गिर गया था। यह बोरवेल एक दिन पहले ही खोदा जा रहा था। बच्चा करीब 30 फुट की गहराई पर फंस गया था। सूचना मिलते ही डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और SSP संदीप कुमार मलिक टीमों के साथ मौके पर पहुंच गए। बचाव टीमों ने बोरवेल के बगल में 30 फुट से ज्यादा गहरा गड्ढा खोदा। फिर एक तंग सुरंग बनाकर शाफ्ट तक पहुंचा गया। NDRF के 40 से ज्यादा जवानों ने कैमरा और ऑक्सीजन पाइप नीचे उतारकर बच्चे की हरकत पर नजर रखी। लगातार ऑक्सीजन सप्लाई दी जाती रही। 7 घंटे की खुदाई और 2 घंटे की तकनीकी कार्रवाई के बाद गुरकरन को सही-सलामत बाहर निकाल लिया गया।
पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ऑपरेशन खत्म होने तक मौके पर मौजूद रहे। डॉ. रवजोत ने कहा, “जिला प्रशासन, NDRF और गांव वालों के पुख्ता इंतजामों ने गुरकरन की जान बचाई।” सांसद डॉ. चब्बेवाल ने इसे “बेहद नाजुक ऑपरेशन” बताया। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने NDRF, SDRF, पुलिस, सिविल अधिकारियों, मेडिकल टीम और स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। SSP संदीप कुमार मलिक ने कहा कि “टीमों के जज्बे की वजह से ही बच्चा बच पाया”। बचाव कार्य के दौरान सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी लंगर, चाय-पानी और हौसला बढ़ाकर मदद की।

