जालंधर, ENS: पंजाब के मोहाली में बीते दिन गुरुद्वारा साहिब अंब की जमीन बेचने को लेकर मामला सामने आया था। वहीं इस मामले को लेकर आज ज्ञानी रघुबीर सिंह ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान जहां उन्होेंने गुरुद्वारा साहिब की जमीन बेचने, 328 पावन स्वरूप के मुद्दों को लेकर बात की, वहीं उन्होंने सुखबीर बादल पर जमकर निशाने साधे। रघुबीर सिंह ने कहा कि एसजीपीसी के अधीन आती जमीन को बेचने पर खुद की जेब भरने को लेकर गंभीर आरोप लगाए है।
उन्होंने कहा कि 328 पावन स्वरूप को लेकर काफी समय से मामला गरमाया हुआ है। इस माले को लेकर रघुबीर सिंह ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाए है कि एसजीपीसी के भ्रष्टाचार के पीछे बादल परिवार है। उन्होंने आरोप लगाए है कि लंगर की रोटियां बेचकर करोड़ो रुपए कमाए गए है। इस दौरान पावन स्वरूपों को लेकर उन्हें भी देश-विदेश से फोन आ रहे है और उनसे सवाल पूछे जा रहे है। श्री हरिमदिंर साहिब के हेड ग्रंथी ने कहा कि एसजीपीसी की कमेटी के अंदर इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है।
2 दिसंबर के फैसले के बाद हरप्रीत सिंह को पद से हटाया गया और उन्हें पद से हटाया गया। उन्होंने कहा कि ज्ञानी सुल्तान सिंह ने उन्हें बताया कि एसजीपीसी कमेटी में भ्रष्टाचार बढ़ गया है कि उनसे एक अधिकारी ने श्री मुक्तसर साहिब से दरबार साहिब वापिस लाने के लिए उनसे 5 लाख की मांग की गई। आरोप है कि इस सारी घटनाओं में एक ही परिवार का हाथ है। उन्होंने कहा कि 23 सालों से एक परिवार के नीचे घटनाएं हो रही है।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी में गुरु की गोलक में चोरी हो रही है, जमीने बेचकर खुद की जेबों में डाले जा रहे है। गुरु के लंगर की सूखियां रोटियां बेचकर मोटी कमाई की जा रही है। इमारतों का निर्माण करवाकर पैसे कमाए जा रहे है। दुकाने किराये पर लेकर दुकानदार से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे है। इस तरह अखंड साहिब का पाठ के दौरान पैसो को लेकर कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि यह सब घटनाएं किसके कहने पर हो रही और इसे कौन करवा रहा है। इस दौरान उन्होंने ननकाना साहिब गुरुद्वारा के पावन स्वरूपों की सेवा को लेकर जनतक करने की अपील की है। इस दौरान उन्होेंने बहबल कलां सहित अन्य घटनाओं का जिक्र किया है।
वहीं तरनतारन के उपचुनाव को लेकर कहा कि उपचुनाव के दौरान उन पर दवाब बनाया गया था। इस दौरान कहा गया कि पंथक की वोट अकाली दल को डलवाई जाए। वहीं उन्होंने कहा कि वह इस पद पर बैठकर ऐसा नहीं कर सकते। वहीं 2 दिसंबर वाली घटना को लेकर कहा कि उसका सारा दोष आरएसएस पर लगाने के लिए कहा गया। जिसके बाद उन्होंने सब कुछ करने से इंकार कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपील की है कि एक परिवार से एसजीपीस कमेटी को मुक्त करवाया जाए। उन्होंने कहा कि संगत के सामने इन घटनाओं को लेकर सारी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
