जालंधर, ENS: जैमल नगर के डॉक्टर रमनदीप सिंह ने पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में तैनात डॉक्टर जसकरण सिंह धालीवाल पर किडनैपिंग करने और जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए। इस मामले में आज प्रेस वार्ता के दौरान जहां उन्होंने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए है वहीं पटियाला पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए है। डॉक्टर का कहना है कि वह इस समय मोहाल के डीएचएस अस्पताल में तैनात है। डॉक्टर रमनदीपक का कहना है कि वह 2025 में पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में तैनात थे और रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान भी थे। डॉक्टर का आरोप है कि उनकी किडनैपिंग करने वाला मुख्य आरोपी जसकरण सिंह धालीलवाल है जो पटियाला से ही संबंधित है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में उसका अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर से विवाद हो गया था।
ऐसे में डॉक्टर रमनदीप को प्रधान होने के कारण मौके पर बुलाया गया। जहां उन्होंने घटना स्थल पर पुलिस को बुलाया और मौके पर पहुंची पुलिस ने जसकरण सिंह धालीलवाल को मौके से गिरफ्तार कर पुलिस चौकी ले गई। डॉक्टर रमनदीप के अनुसार बाद में दोनों पक्षों का राजीनामा हो गया, लेकिन इसने मुझसे इस बात की डॉक्टर जसकरण सिंह ने रंजिश रखी और तभी वह उसकी रेकी कर रहा था। अप्रैल 2026 में रजिंदरा अस्पताल से से उनका तबादला मोहली हो गया। 10 मई 2026 को वह अपने काम से रजिंदरा अस्पताल में आए और उस दिन साथी डॉक्टर जिसका जसकरण सिंह से पहले विवाद हुआ था, वह उसकी थार गाड़ी में सवार होकर पटियाला के बस स्टैंड के करीब अर्बन एस्टेट में चले गए।
आरोप है कि जसकरण सिंह धालीलवाल पहले ही हमारा पीछा कर रहा था और उसने अपनी गाड़ी हमारे थार के पास लगा ली और मुझे थार से बाहर निकाल कर हमला करने लगा। इस घटना के दौरा वह अपनी जान बचाने के लिए भागे औऱ एक शोरूम में घुस गए। जहां शोरूम के कर्मियों ने मुझे बाहर निकाल दिया। वहीं जसकरण सिंह ने अपने साथियों समेत घेर लिया और हमला कर दिया। इस घटना में डॉक्टर रमनदीप के कपड़े फाड़ दिए और डॉक्टर को किडनैप करके अपनी कार में ले गए। डॉक्टर के अनुसार वह जान बचाने के लिए गाड़ी से भागे पटियाला के जानकार पुलिस अधिकारी को हमले के संबंध में फोन करके अपनी लोकेशन भेज दी।
इस घटना में जसकरण सिंह ने पिस्तौल के बट से हमला करके भांगड़ा डाला और घटना स्थल पर फेंककर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने दोषी जसकरण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, लेकिन उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। डॉक्टर का आरोप है कि पुलिस उसे बचाने की कोशिश कर रही है। इस मामले को लेकर डॉक्टर ने कहाकि दोषी अभी भी उसका पीछा कर रहे है और उसकी जान को खतरा है। डॉक्टर का आरोप हैकि अगर उसे कोई जानी नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार डॉक्टर जसकरण सिंह और पुलिस होगी। उन्होंने डीजीपी से दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की अपील की है।
