जालंधर, ENS: वैसाखी के पर्व पर आज पंजाब सरकार महिलाओं से किए वादे को पूरा करने जा रही है। दरअसल, आज से पंजाब सरकार अपनी प्रस्तावित ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के लिए महिला लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन शुरू करेगा, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर से करेंगे। इसके 1 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। इस दिन से जनरल श्रेणी की महिलाओं को सीधे 1,000 और अनुसूचित जाति श्रेणी की महिलाओं 1,500 रुपये का मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा।
आप के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू में 15 अप्रैल से नौ विधानसभा क्षेत्रों जैसे आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला ग्रामीण में पायलट आधार पर चलाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि 15 मई से इस प्रक्रिया का विस्तार बाकी 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी कर दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के समय आवेदकों को पंजाब आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र और बैंक पासबुक जमा करना होगा। इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल पात्रता की जांच करने और लाभार्थियों के खातों में सीधे लाभ ट्रांसफर करने में मदद के लिए किया जाएगा।
यह योजना आम आदमी पार्टी के 2022 के विधानसभा चुनावों के उस वादे को पूरा करने की दिशा में एक कदम है, जिसमें महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की बात कही गई थी। हालांकि, पार्टी ने उस समय 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने अब संकेत दिया है कि योजना के लागू होने के साथ-साथ इसके अंतिम स्वरूप, जिसमें लाभार्थी के लिए पात्रता के मानदंड और 1,000 से 1,500 रुपये की सीमा के भीतर मिलने वाली सटीक राशि शामिल है को भी अधिसूचित कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए पिछले कई महीनों से तैयारियां चल रही हैं, जिसमें लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करना और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे इस रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य पूरे राज्य में योजना को लागू करने से पहले छोटे पैमाने पर इसके सिस्टम की जांच करना है। महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू करने वाला पंजाब अकेला राज्य नहीं है। पड़ोसी राज्यों हरियाणा और हिमाचल प्रदेश ने भी ऐसी योजनाओं की घोषणा की है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी हाल के वर्षों में इसी तरह के कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू कल्याण और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।