सोने की परत चढ़ी पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस, एक थार गाड़ी, एक बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद
अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने विदेश से चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट से जुड़े तीन मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया है। जिनकी की पहचान गुरदेव सिंह, जशनप्रीत उर्फ जस्सू और हरप्रसाद उर्फ पारस के तौर पर हुई है। ये शूटर रंगदारी के लिए कॉल करने के बाद लोगों में दहशत फैलाने के लिए कमर्शियल जगहों और घरों के बाहर फायरिंग करते थे।
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह गैंग मुख्य रूप से अमृतसर ग्रामीण, तरनतारन और फिरोजपुर इलाकों में सक्रिय था। जांच के दौरान पता चला कि गैंग का नेटवर्क तरनतारन के रहने वाले जजबीर से जुड़ा है, जो यूरोप में रह रहा है, जबकि उसका रिश्तेदार जशनप्रीत उर्फ जस्सू भी इस काम में शामिल था।
इस गैंग के तार घनशामपुरिया गैंग, मोहब्बत रंधावा और आदेश जमराई जैसे आपराधिक गैंग से भी जुड़े हैं। ये गैंग लोगों को रंगदारी के लिए कॉल करते थे और पैसे न मिलने पर डर का माहौल बनाने के लिए फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में अब तक इस गैंग की 6 बड़ी घटनाओं का पता चला है, जिनमें पेट्रोल पंप पर लूट की तीन घटनाएं और रंगदारी व फायरिंग से जुड़े तीन मामले शामिल हैं।
भुल्लर ने बताया कि 21-22 मई को लोहारका रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुई स्नैचिंग और फायरिंग की घटना की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले जशनप्रीत जस्सू को गिरफ्तार किया, जिसके बाद दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। वहीं, महीप नाम का एक और आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने की परत चढ़ी ज़िगना पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस, एक थार गाड़ी, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह पिस्तौल बहुत ही आधुनिक और खतरनाक हथियार है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस कार्रवाई से इलाके में चल रहे बड़े रंगदारी रैकेट को तगड़ा झटका लगा है। पैसे के लालच में कई युवा ऐसे गैंगस्टरों के जाल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद कर लेते हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों तक हथियार और फंडिंग कैसे पहुंच रही थी।
