एडमिंटनः कनाडा के एडमिंटन स्थित गुरुद्वारा नानकसर साहिब गुरुद्वारा में दोषी द्वारा बेअदबी की गई। प्रधान जोरा सिंह ने बताया कि 21 अगस्त सुबह 5 बजे एक गोरा अंदर आया तो उत्पाद मचाने लगा। जैसे ही वो गुरु ग्रंथ साहिब की तरफ बढ़ा तो सिंहों ने उसे रोक लिया। इस पर उसने 2 सिंहों को पेंचकस माकर घायल कर लिया। नीली टी शर्ट में घुसे गोरे को संगत ने पकड़ लिया।इसके बाद गुरुदारे की एक लड़की ने पुलिस को फोन कर लिया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गोरे को अरेस्ट कर लिया। दरअसल, विदेशी व्यक्ति पेंचकस लेकर गुरुद्वारे के अंदर घुस गया। अंदर आते ही बिछाई साहब पर चढ़ गया और गुरु साहब का रूमाला उतार लिया था। प्रधान सरदार जोरा सिंह के अनुसार सुबह लगभग 5 बजे दरबार साहिब में आरोपी सीधे रुमाले और बिछौने की तरफ बढ़ा।
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— Encounter News (@encounternews2) August 22, 2026
गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी और एक बुजुर्ग सेवादार (75 वर्ष) ने जब उसे मर्यादा का पालन करने और अंदर जाने से रोका, तो आरोपी उग्र हो गया। उसने अपने पास रखे पेचकश से लगातार वार करना शुरू कर दिया, जिससे 2 सेवादार घायल हो गए। दरबार में मौजूद संगत और युवाओं ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया। संगत में मौजूद एक युवती ने तत्काल आपातकालीन नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, 27 वर्षीय आरोपी कोई आम राहगीर नहीं बल्कि एक पुराना हिंसक अपराधी है। वह घटना से ठीक एक दिन पहले ही एक गंभीर हमले और पुलिस अधिकारी पर हमला करने के जुर्म में जेल की सजा काटकर रिहा हुआ था।
रिहाई के बाद उसे तय रिहाइश (हाफवे हाउस) जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और गायब हो गया। पुलिस ने अभी घायलों और आरोपी की पहचान नहीं बताई है। गुरुद्वारे में घुसने से पहले उसने किसी अन्य स्थान पर भी हमला करने की कोशिश की थी। प्रधान जोरा सिंह ने स्पष्ट किया कि गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी तरह सुरक्षित हैं। घायल हुए दो सेवादारों में से एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दूसरे का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में भारी रोष है। लोगों ने सवाल उठाया है कि चाहे भारत हो या विदेश, धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमलों के बाद आरोपियों को ‘मानसिक रूप से बीमार’ बताकर जांच की दिशा क्यों बदल दी जाती है? सिख संगत ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। फिलहाल गुरुद्वारा साहिब को संगत के लिए दोबारा पूरी तरह से खोल दिया गया है।

