गुरदासपुरः जिले के दोरांगला के सरकारी अस्पताल की लगभग 70-80 साल पुरानी और जर्जर इमारत के कारण मरीजों और अस्पताल में ड्यूटी निभा रहे कर्मचारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकने, बिस्तरों के गीले होने और वार्डों में पानी भरने से हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। पानी जमा होने के कारण सांपों और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा भी बना रहता है। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची मरीज रंजीत कौर ने बताया कि अस्पताल की इमारत की हालत बहुत खराब है। बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने के कारण मरीजों के बिस्तर गीले हो जाते हैं। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दोरांगला का यह अस्पताल आसपास के लगभग 20-25 गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। लेकिन यहां मरीजों के रात में ठहरने या दाखिल रहने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की कमी है।
रंजीत कौर ने सरकार से मांग की कि अस्पताल में नए कमरे और वार्ड बनाने के साथ-साथ जरूरी दवाएं और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि इलाके के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। इसी दौरान अस्पताल की स्टाफ नर्स हरजीत कौर ने बताया कि बारिश के दिनों में वार्ड के अंदर पानी भर जाता है। इस कारण मरीजों और कर्मचारियों के लिए बैठने तक की जगह नहीं बचती। उन्होंने कहा कि पानी भरने के कारण सांपों और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों के निकलने का डर भी बना रहता है। उन्होंने बताया कि इमारत की मरम्मत संबंधी पहले भी लिखित में अनुरोध किया जा चुका है। पर समस्या का अभी तक पक्का समाधान नहीं हो सका है। दूसरी ओर पीएचसी दोरांगला में तैनात डॉक्टर अमनदीप कौर ने बताया कि पुरानी इमारत को पिछले बाढ़ के दौरान काफी नुकसान पहुंचा था।
उन्होंने बताया कि अस्पताल की नई इमारत और मरम्मत संबंधी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। डॉक्टर अमनदीप कौर ने बताया कि एसडीएम दीनानगर और पीडब्ल्यूडी के जेई के माध्यम से जरूरी एस्टीमेट तैयार करवाकर चंडीगढ़ स्थित संबंधित कार्यालय को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा जर्जर क्लर्कल बिल्डिंग को गिराने संबंधी भी पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण किया जा चुका है। डॉक्टर अमनदीप कौर ने बताया कि अस्पताल के आसपास का क्षेत्र ऊंचा होने के कारण बारिश का पानी अस्पताल के अंदर जमा हो जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पानी की निकासी संबंधी गांव के सरपंच से भी बातचीत की गई है। ताकि बरसाती पानी को अस्पताल के अंदर जमा होने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि इमारत से जुड़ी समस्याओं के बावजूद अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहा है और मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। इलाका निवासियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है। कि दोरांगला सरकारी अस्पताल की जर्जर इमारत की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नई इमारत के निर्माण का काम जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए। इसके साथ ही बरसाती पानी की निकासी के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं और मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। इलाका निवासियों का कहना है। कि 20-25 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण दोरांगला सरकारी अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना समय की मुख्य आवश्यकता है।

