नई दिल्ली: इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर कतर और हमास से जुड़े हुए फंडिंग मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमले से पहले ही इजरायली खुफिया एजेंसियों ने नेतन्याहू को कतर से लेकर हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रहे पैसों को लेकर कई बार चेतावनी भी दी थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया आकलन में यह रकम हमास के सैन्य संगठन के कुल बजट के करीबन आधी बताई गई थी। यह रिपोर्ट सामने आने के बाद अब विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू पर निशाना भी साधा है। उनका यह कहना है कि यदि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से ऐसी जानकारी दी गई थी तो इस मामले की गंभीरता के साथ जांच होनी चाहिए।
इजरायल की खुफिया एजेंसियां पहले दे चुकी है वॉर्निंग
इजरायल की एक रिपोर्ट में यह दावा किया है कि नेतन्याहू को कतर से हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रहे पैसों की भी कई बार जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की खुफिया एजेंसियों ने आकलन किया था कि यह पैसा हमास के संगठन के बजट का एक बड़ा हिस्सा था।
रिपोर्ट में मिस्न की ओर से दी गई चेतावनी का भी जिक्र किया गया है। दावा यह किया जा रहा है कि मिस्न ने नेतन्याहू को यह बताया था कि कतर से आने वाली रकम हमास के सैन्य संगठन तक पहुंच रही है। इसके अलावा इजरायल की खुफिया एजेंसियों को अलग और गुप्त रास्ते की भी जानकारी मिली थी। इसी के जरिए कतर से जुड़ी सीधे हमास की सशस्त्र इकाइयों तक पहुंचाई जा रही है।
कतर ने खारिज किए दावे
वहीं कतर ने भी रिपोर्ट में किए गए सभी दावों को खारिज कर दिया है। कतर के अंतरराष्ट्रीय मीडिया ऑफिस ने कहा है कि उसने कभी हमास को पैसा ही नहीं दिया है। उसके अनुसार, कतर की मदद इजरायल और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ तय व्यवस्था के अंतर्गत फिलिस्तीनी नागरिकों तक पहुंचाई गई।
रिपोर्ट के सामने आने के बाद नेतन्याहू की सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ गया है। हमले से पहले इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और खूफिया सुचनाओं को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं।