वाशिंगटनः अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में मौजूद या वहां जाने की योजना बना रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए फिर से यात्रा चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष तेजी से बढ़ने की आशंका है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने शनिवार को अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व की यात्रा और इस क्षेत्र से होकर यात्रा करने पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने वैश्विक यात्रा चेतावनी जारी करते कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है और हालात अचानक तेजी से बिगड़ सकते हैं। मंत्रालय ने संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और अन्य यात्रा संबंधी व्यवधानों की चेतावनी भी दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अधिक सतर्कता बरतने और संभावित यात्रा व्यवधानों के लिए तैयार रहने को कहा है। मंत्रालय के अनुसार ईरान और तेहरान समर्थक समूह विदेशों में अमेरिकी हितों, कारोबार और संस्थानों को निशाना बना सकते हैं।
ये चेतावनी ऐसे समय आई है जब यमन के हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। सऊदी अरब ने बताया कि हूतियों की ओर से रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया गया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हूतियों ने बीशा, ताइफ, फरासन और यानबू में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने का प्रयास किया।
रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने शुक्रवार रात देशभर में आपातकालीन अलर्ट जारी कर लोगों को ‘हवाई खतरे’ के प्रति आगाह किया था। शनिवार को रियाद में कम से कम एक धमाका सुनाई दिया। हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले लोगों ने आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार देखने की बात कही। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं दी।
यह जुलाई में सऊदी समर्थित बलों और हूतियों के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद रियाद में पहला हवाई हमले का अलर्ट बताया गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि समूह ने रियाद में कुछ ‘संवेदनशील’ ठिकानों और यानबू स्थित अरामको की एक तेल सुविधा को क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ड्रोन से निशाना बनाया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के लिए लेवल-3 यानी ‘यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की सलाह बरकरार रखी है। मंत्रालय ने ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद और अन्य सुरक्षा जोखिमों को इसके कारणों में शामिल किया है। अमेरिका के अनुसार, ईरानी मिसाइल और ड्रोन पहले सऊदी अरब के शहरों, बुनियादी ढांचे, हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों, राजनयिक परिसरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना चुके हैं। मंत्रालय ने चेताया कि रोकी गई मिसाइलों और ड्रोन का मलबा भी खतरा पैदा कर सकता है।
सऊदी अरब में अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त यात्रा प्रतिबंध लागू हैं। उन्हें यमन सीमा से 20 मील के दायरे में यात्रा करने की अनुमति नहीं है। जिजान, असीर, नजरान और कतीफ की यात्रा के लिए विशेष अनुमति जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब से वाणिज्यिक उड़ानें अभी संचालित हो रही हैं, लेकिन संघर्ष के कारण इनमें महत्वपूर्ण व्यवधान आया है।
अमेरिका ने यमन के लिए लेवल-4 यानी ‘यात्रा न करें’ की चेतावनी बरकरार रखी है। इसके पीछे आतंकवाद, सशस्त्र संघर्ष, अपहरण और अशांति सहित कई सुरक्षा जोखिमों का हवाला दिया गया है। यमन में मारिब, ताइज़, लहज, अल-जौफ और अल-बायदा में भी संघर्ष तेज होने की खबर है। सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों ने दक्षिणी मारिब में हूतियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम करने का दावा किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस्राइल के लिए भी लेवल-3 यानी ‘यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की सलाह जारी रखी है। मंत्रालय ने कहा है कि ईरान और उसके समर्थक समूह मध्य-पूर्व के बाहर भी अमेरिकी राजनयिक परिसरों और अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं।