नगर निगम के खाते पर लगाई रोक
पंचकूलाः नगर निगम बैंक घोटाले 150 करोड़ रुपए मामले में नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, कोटक महिंद्रा बैंक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दावा किया है कि हरियाणा पुलिस ने मार्च महीने में राज्यभर में उसकी 109 शाखाओं को सील कर दिया था। बैंक का कहना है कि पंचकूला नगर निगम के खाते में 127.27 करोड़ रुपए जमा कराने के बाद ही इन शाखाओं को डी-सील किया गया। मामला पंचकूला नगर निगम की एफडी में कथित 150 करोड़ रुपए की हेराफेरी से जुड़ा है। इस घोटाले में कोटक महिंद्रा बैंक की सेक्टर-11 शाखा के तत्कालीन प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह को मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
मामले की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) कर रही है। बैंक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जनक द्वारकादास ने हाईकोर्ट में बताया कि 18 मार्च को नगर निगम से एफडी भुगतान संबंधी पहला पत्र मिलने के बाद बैंक ने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी थी। बैंक का आरोप है कि शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, बल्कि 30 मार्च को हरियाणा में उसकी 109 शाखाओं को सील कर दिया गया, जिससे बैंकिंग कामकाज ठप हो गया। बैंक के अनुसार, हरियाणा में उसके करीब 14 लाख ग्राहक हैं और कुल जमा राशि 24 हजार करोड़ रुपए है।
शाखाएं सील होने से ग्राहकों और बैंक दोनों को भारी नुकसान हुआ। बैंक ने कोर्ट में कहा कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद समाधान निकला। बैंक ने नगर निगम के खाते में 127.27 करोड़ रुपए जमा कराए, जिसके बाद शाखाओं की सील हटाई गई। हालांकि बैंक का कहना है कि यह राशि केवल लंबित मिलान प्रक्रिया पूरी होने तक अस्थायी रूप से जमा कराई गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आरिफ एस डॉक्टर की पीठ ने पाया कि नगर निगम जिन टीडीए के आधार पर दावा कर रहा है, वे बैंक के रिकॉर्ड में उपलब्ध टीडीए से अलग दिखाई देते हैं। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए नगर निगम को खाते में जमा राशि के उपयोग या हस्तांतरण से रोक दिया और बैंक को अंतरिम राहत प्रदान की।
