चंडीगढ़: हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र ‘मैं नहीं, हम’ है। सहकारी संस्थाओं को तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक प्रबंधन से जोडक़र किसान, कर्मचारी, महिला और युवाओं की आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है।
डॉ. अरविंद शर्मा रविवार को अंबाला छावनी में द पोस्टल एंड आरएमएस एम्प्लॉईस कोऑपरेटिव बैंक के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैंक के चेयरमैन सचिन खरब, निदेशक मंडल, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा डाक एवं बीएसएनएल परिवार को संस्था की लंबी सहकारी यात्रा के लिए बधाई दी।
हरियाणा में पैक्स को केवल खाद और ऋण वितरण तक सीमित रखने के बजाय बहुउद्देशीय बनाया जा रहा है, 710 पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और सामान्य सेवा केंद्र जैसी सुविधाओं के जरिए गांवों में सहकारी संस्थाओं को सेवाओं का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। हैफेड और अन्य सहकारी संस्थाएं किसानों की फसल खरीद तथा खाद उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जबकि दुग्ध सहकारिता हजारों पशुपालक परिवारों को बाजार से जोड़ रही है।
डॉ. शर्मा ने डाक कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते समय और तकनीक के बावजूद डाक विभाग के प्रति समाज का भरोसा कायम है। एक दौर में गांव का डाकिया केवल चिठ्ठी नहीं, बल्कि परिवारों की खुशियां और संदेश लेकर आता था। उसी भरोसे को यह बैंक आर्थिक सहयोग और सहकारिता की शक्ति के साथ आगे बढ़ा रहा है।