श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में लाल चौक पर सदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग के लाल चौक पर संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की। इस फायरिंग में गोली लगने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। जिसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) के फाल्कन दस्ते ने ली है। टीआरएफ की स्थापना लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तानी सहयोग से साल 2019 में की थी। इस संगठन ने भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का फैसला किया था। हालांकि भारत ने पांच जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था।
घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे लाल चौक और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इलाके में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में कितने आतंकी शामिल थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में भागे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल इलाके में पहले से चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान आतंकियों के संपर्क में आए थे। इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। अधिकारियों का मानना है कि हमलावर आसपास के इलाके में छिपे हो सकते हैं।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर 17 जुलाई की रात संदिग्ध गतिविधि देख भारतीय सेना ने फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक, तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में रात करीब 10 बजे सैनिकों ने कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी, जिसके बाद फायरिंग की गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हुई। हालांकि उस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था। सेना का मानना है कि संदिग्ध आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
