जम्मूः माता वैष्णो देवी यांत्रा पर रोक लग गई है। मिली जानकारी के अनुसार खराब मौसम के चलते रोक लगाई गई है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। किश्तवाड़ में बादल फटने से हालात बेकाबू हो गए हैं, जबकि राजौरी में बहुत भारी बारिश से व्यापक पैमाने पर तबाही मची है। पुंछ में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई। वहीं, कटरा में भी जोरदार बारिश हो रही है। श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने पवित्र यात्रा को फिलहाल अस्थायी तौर पर रोकने का फैसला किया है। ऐसे में श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी तौर पर रोकने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा को दोबारा शुरू करने का निर्णय मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा और इसकी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यात्रा संबंधी आधिकारिक अपडेट जरूर जांच लें तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही श्राइन बोर्ड ने कर्मचारियों और मशीनों को मौके पर भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू कराया। मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से करीब 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थलों में से एक है। यहां माता वैष्णो देवी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के प्रतीक तीन स्वयंभू पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। कटरा से भवन तक श्रद्धालुओं को करीब 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी। तब तक श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और केवल अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
