कानपुर: जिले के महाराजपुर में 55 वर्षीय किसान हरिमोहन यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस टीम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की वजह महज 900 रुपये की रंजिश थी। आरोपी को किसान ने गांव की एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उस पर चोरी का आरोप लगाकर गांव में बदनाम किया और उसके औजार अपने पास रख लिए। इसी खुन्नस में आरोपी ने फरसे से गला काटकर किसान की हत्या कर दी।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हाथीगांव निवासी धर्मेंद्र उर्फ छोटू पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त फरसा भी बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब एक सप्ताह पहले हरिमोहन यादव ने धर्मेंद्र को गांव की एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद हरिमोहन ने उस पर 900 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया और उसके कुदाल व फावड़ा अपने पास रख लिए। उसने कहा था कि रुपये लौटाने पर ही औजार वापस मिलेंगे।
आरोपी इसी बात को लेकर रंजिश पाल बैठा। पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि गुरुवार रात हरिमोहन शराब के नशे में था। वह पहले से फरसा लेकर ट्यूबवेल पहुंचा और अपने औजार वापस मांगे। इस दौरान दोनों में विवाद हो गया।
आरोपी ने किया ये दावा
आरोपी का दावा है कि हरिमोहन ने डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी, जिसके बाद उसने फरसे से गर्दन पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से हरिमोहन की मौके पर ही मौत हो गई। वार के दौरान आरोपी के हाथ में भी चोट लगी। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले ट्यूबवेल पर शराब पार्टी हुई थी। घटनास्थल से शराब की बोतल, डिस्पोजल गिलास और फाइबर प्लेटें बरामद हुई थीं। शुरुआती जांच में पुलिस ने पार्टी में शामिल तीन लोगों से पूछताछ की, लेकिन बाद में जांच का फोकस धर्मेंद्र पर गया।
हत्या के बाद आरोपी अपनी पत्नी के साथ ससुराल चला गया था। अगले दिन गांव लौटने पर उसके हाथ में चोट और खून लगा फरसा देखकर एक परिचित को शक हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
