हापुड़: हापुड़ में दोयमी पुलिस चौकी में शुक्रवार देर रात एक युवक ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस द्वारा सुनवाई न करने से नाराज युवक नशे की हालत में चौकी पहुंचा और खुद को दरोगा बताते कुर्सी पर बैठ गया। इसके बाद उसने मेज पर रखी कई फाइलों पर हस्ताक्षर कर दिए और कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को फाड़कर फेंकते कहने लगा कि अब मौके पर ही फैसला होगा। युवक ने चौकी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उसने गमले उठाकर फेंक दिए, जिससे चौकी का मुख्य गेट, शीशे, बेंच और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के समय चौकी प्रभारी समेत कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन युवक के आक्रामक रवैये के कारण उसे रोकने की किसी ने हिम्मत नहीं की। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को काबू किया। तोड़फोड़ के दौरान टूटे शीशे से युवक के हाथ और पैर में भी चोटें आईं। पुलिस उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गई।
वहीं शरुआती जांच में युवक के नशे में होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर उसके खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है। दोयमी पुलिस चौकी में हुई तोड़फोड़ की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब आधे घंटे तक चौकी में उत्पात मचाता रहा, लेकिन उस दौरान चौकी प्रभारी सहित कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
युवक ने आराम से दरोगा की कुर्सी पर बैठकर फाइलों से छेड़छाड़ की, गमले, शीशे और फर्नीचर तोड़ डाले। यदि उसी दौरान कोई फरियादी या गंभीर घटना का पीड़ित चौकी पहुंचता तो उसकी सुनवाई कौन करता? सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पूरी चौकी एक साथ पुलिसकर्मियों से खाली कैसे हो गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
