भारत सरकार से गुहार जल्द रेस्क्यू किए जाने की मांग
ऊना,सुशील पंडित: नेपाल में चीन बॉर्डर पर ग्लेशियर से बनी कृत्रिम झील के टूटने से त्रिशूली शहर में प्रलयकारी बाढ़ में सैकड़ों आशियाने और हाइड्रो प्रोजेक्ट उजड़ गए । जिसकी चपेट में हजारों जिंदगियां अकाल मृत्यु का ग्रास बन गई । इस हादसे में हजारों जीवन छ दिन गुजर जाने के बाद अभी भी फंसे हुए हैं , इनमें काफी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं । इन्हीं में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रहने वाले सुखविंदर सिंह भी हैं जो त्रिशूली के हाइड्रो प्रोजेक्ट में बतौर इंजीनियर काम करते हैं ।
जानकारी के अनुसार सुखविंदर हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल एक में फंसे हुए हैं और उनके साथ कई अन्य भारतीय भी फंसे हुए हैं । हादसे के बाद से ही उनके परिजन बेहद परेशान हैं और उन्हें लेकर चिंतित हैं । उनके बूढ़ी दादी , बुजुर्ग मां और पिता की पथराई आँखें बेबसी की कहानी साफ बयाँ करती हैं । वो बताते हैं कि उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से बात की है और उन्हें बताया गया है कि टनल में फंसे सुखविंदर सहित सभी लोगों को ऑक्सीजन दी जा रही है ।
बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मिलने का समय लिया है । वो भारत सरकार से जल्द से जल्द इस विषय में नेपाल सरकार से बात करके उनके बेटे के साथ साथ सभी भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं ।