नियमों के अनुरूप सुविधाएं, सुरक्षा मानक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर
ऊना, सुशील पंडित: जिला ऊना में संचालित निजी कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण एवं विनियमन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सहायक आयुक्त ऊना विनय मोदी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कोचिंग सेंटर्स(रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ) रूल्स के अंतर्गत कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता तथा निर्धारित नियमों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
सहायक आयुक्त ने बताया कि जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उप निदेशक उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र निर्धारित वेबसाइट पर उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए निर्धारित 50 हज़ार रुपये शुल्क भी जमा करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटरों से प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय कमेटी द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानदंडों के अनुसार की जाएगी। सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले कोचिंग सेंटरों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी। पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत 25 हज़ार रुपये शुल्क जमा करवाना होगा।
विनय मोदी ने बताया कि आवेदन में आवश्यक सुविधाओं अथवा निर्धारित मानदंडों से संबंधित कमियां पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटर को उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकेगा। निर्धारित शर्तें पूरी न करने वाले आवेदनों को अस्वीकृत किया जा सकेगा। हालांकि, संबंधित कोचिंग सेंटर आवश्यक कमियों को दूर करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया गया। साथ ही, शिक्षण व्यवस्था, पाठ्यक्रम, कक्षाओं के संचालन तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने से संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कोचिंग सेंटरों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस, उपस्थिति तथा अन्य आवश्यक विवरणों का उचित एवं अद्यतन रिकॉर्ड रखने के संबंध में निर्देशित किया। विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस तथा फीस संबंधी पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रावधानों का पालन करने पर भी बल दिया गया।
नियमों की निगरानी और उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
पंजीकृत कोचिंग सेंटरों के कामकाज की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय-समय पर जांच एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमों एवं निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटर के विरुद्ध जुर्माना लगाने तथा उल्लंघन की स्थिति में पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त पंजीकृत कोचिंग सेंटरों को अपने पंजीकृत स्थान में परिवर्तन करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। पंजीकरण से संबंधित किसी निर्णय से असंतुष्ट कोचिंग सेंटर निर्धारित नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील भी प्रस्तुत कर सकेंगे। कोचिंग सेंटरों के संचालन को प्रभावी रूप से विनियमित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकेंगे। सहायक आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिला ऊना में संचालित सभी निजी कोचिंग सेंटर निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करें।
