नई दिल्लीः यूट्यूबर ध्रुव राठी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते कहा है कि उन्हें शनिवार सुबह सोते समय गुरुग्राम स्थित उनके घर से उठाकर ले जाया गया और 22 से 23 घंटे तक बैठाकर रखा गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर हिरासत में लिए जाने की पूरी घटना बताई।
राठी ने वीडियो में कहा कि मैं भारतीय था और रहूंगा। मुझे भारतीय नागरिकों की तरह पूरे अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही हैं और वह इस बारे में अपनी बात रखना चाहते हैं।
ध्रुव राठी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब सात बजे जब वह सो रहे थे, तब उनकी मां ने दरवाजा खोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए पुलिस कर्मियों ने उनकी मां को धक्का दिया और सीधे घर में घुस गए। जिसके बाद वे घर में फैल गए और उनके बेडरूम तक पहुंच गए। राठी ने कहा कि जब उनकी नींद खुली तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि उनके घर में क्या हो रहा है।
राठी ने आरोप लगाया कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि मैं इसे हिरासत तब मानता, जब कोई पुलिस की वर्दी में आता और मुझे बताता कि मेरे खिलाफ क्या आरोप है। उनके अनुसार, उस समय घर में उनके माता-पिता भी मौजूद थे।
राठी ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस कर्मियों से उनकी पहचान और कार्रवाई के बारे में पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चप्पल पहनने तक का मौका नहीं दिया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां उनका और उनके माता-पिता का फोन भी ले लिया गया। राठी के अनुसार उन्हें 22 से 23 घंटे तक बैठाकर रखा गया।
प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे विपक्ष के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल हैं। CJP के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हवाई अड्डे से हिरासत में लेने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यदि ध्रुव राठी निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमलों के संबंध में कई प्राथमिकी दर्ज किए जाने की संभावना है।
