पेरिस: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है जिसने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यूरोप में प्रचंड गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन और इटली समेत कई देशों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि फ्रांस में 18 लोगों की मौत की खबर है, इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो एक गर्म कार में फंसे रह गए थे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तबाही के पीछे एक खास मौसमी पैटर्न है, जिसे ‘ओमेगा ब्लॉक’ कहा जाता है। यही सिस्टम पूरे यूरोप में गर्म हवा को फंसा रहा है और लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में ज्यादातर स्कूल बंद कर दिए गए हैं या उनके समय में बदलाव किया गया वहीं ब्रिटेन में मौसम का अनुमान लगाने वालों ने कहा कि इस हफ्ते तापमान जून महीने के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस के पश्चिमी वाइन-उत्पादक इलाके बोर्डो में तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे पिछले साल अगस्त का रिकॉर्ड टूट गया।
मध्य फ्रांस के पोइटियर्स में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिसने 1947 में बने पिछले सबसे ज्यादा तापमान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रॉयटर्स क्लाइमेट मॉनिटर के मुताबिक यह 22 जून के लिए शहर के ऐतिहासिक औसत से दोगुने से भी ज्यादा था। मॉनिटर से पता चला कि सोमवार को यूरोप अपने ऐतिहासिक औसत से सबसे ज़्यादा दूर रहने वाला महाद्वीप था। वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन की अप्रैल की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि यूरोप में तापमान बढ़ने की रफ्तार दुनिया भर की औसत रफ्तार से दोगुनी से भी ज्यादा है। जबकि यूरोप को कम गर्मी के लिए जाना जाता रहा है।
