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डिजिटल इकोसिस्टम में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

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शिक्षण तंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना है अनिवार्य- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

चंडीगढ़ : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्तमान दौर में विद्यार्थियों का जीवन केवल किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका पूरा जीवन डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में हमारे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के सर्वर पर मौजूद लाखों विद्यार्थियों का अकादमिक डेटा, शोध पत्र और डिजिटल लाइब्रेरी को सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस विशाल तंत्र में एक छोटा सा लूपहोल भी पूरी संस्था की अखंडता को खतरे में डाल सकता है। इसलिए आज की चुनौती केवल व्यक्तिगत मोबाइल को सुरक्षित करने की नहीं, बल्कि हमारे पूरे शिक्षण तंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की है। शिक्षा मंत्री आज उच्चतर शिक्षा निदेशालय, हरियाणा और इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) द्वारा संयुक्त रूप से “डिजिटल इकोसिस्टम में व्यक्तियों की सुरक्षा” विषय पर पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने इस महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित कार्यशाला में 7500 से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज हमारा समाज साइबर सुरक्षा की गंभीरता को पूरी गहराई से समझ रहा है।

डेटा की गोपनीयता और अखंडता से कोई समझौता नहीं

मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि जब एक विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर दाखिला फॉर्म भरता है, तो वह एक बड़े विश्वास के साथ अपने परिवार का पूरा विवरण साझा करता है। इस विश्वास को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हम प्रदेश में एक ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार कर रहे हैं जो न केवल सुलभ हो, बल्कि जहां साइबर खतरों की रोकथाम के कड़े उपाय मौजूद हों। डेटा की गोपनीयता और अखंडता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के आधिकारिक मोबाइल ऐप का शुभारंभ

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन का विधिवत शुभारंभ किया। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की आईटी सेल द्वारा विशेष रूप से विकसित किया गया यह ऐप पूरी तरह से सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नवीनतम परिपत्र समाचार, त्वरित अकादमिक अपडेट्स और विद्यार्थी-केंद्रित महत्वपूर्ण जानकारियां कहीं भी और कभी भी सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह ऐप तकनीक के माध्यम से शिक्षा को स्मार्ट, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण है।

युवा समाज में बनें ‘साइबर सुरक्षा दूत’

 कार्यशाला के समापन पर सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिए जाने की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री ने आह्वान किया कि प्रतिभागी यहां से केवल एक प्रमाणपत्र लेकर न जाएँ, बल्कि समाज में ‘साइबर सुरक्षा दूत’ बनकर निकलें। यहाँ विशेषज्ञों और कानूनी दिग्गजों से सीखी गई बातों को अपने परिवार, मित्रों और संस्थानों में अवश्य साझा करें। इस अवसर पर उच्चर शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, उच्चतर शिक्षा के निदेशक एस नारायणन, संयुक्त निदेशक प्रशासक नीरज शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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