चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि कैथल में महर्षि कश्यप के नाम से धर्मशाला बनाने के लिए समाज द्वारा प्रस्ताव देने पर उचित स्थान उपलब्ध करवाया जायेगा और इंद्री में महर्षि कश्यप के नाम से चौक का नामकरण करके वहां पर महर्षि कश्यप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महर्षि कश्यप के नाम से चेयर स्थापित करने हेतु उचित फंड उपलब्ध करवाया जाएगा। नायब सिंह सैनी आज चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर में “महर्षि कश्यप जयंती” के अवसर पर आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने महर्षि कश्यप जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि कश्यप महान परोपकारी और प्रजापालक थे। उन्होंने समाज को एक नई दिशा देने के लिए स्मृति ग्रंथ और कश्यप संहिता जैसे महान ग्रंथों की रचना की। उन्होंने कश्यप समाज के इतिहास को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि इस समाज ने रामायण काल में निषाद् जैसे बलशाली राजा दिये। राजा निषाद् ने ही वनवास के समय प्रभु श्री रामचंद्र जी को अपने यहां आश्रय दिया था। भक्त प्रहलाद भी इस समाज की देन हैं। दशमेश पिता गुरु गोबिन्द सिंह जी के पंच प्यारों में भाई हिम्मत सिंह कश्यप जी भी इसी समाज से थे। नायब सिंह सैनी ने कश्यप समाज को साहसी, वीर, परिश्रमी और स्वाभिमानी बताया और कहा कि आप लोगों में अपार क्षमताएं हैं। आपको अभी बहुत आगे बढ़ना है। अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करके आप न केवल अपनी कौम का भला कर सकते हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका निभा सकते है। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को नशा जैसी कुप्रवृति से दूर रखने की अपील की।

उन्होंने देश एवं प्रदेश में विपक्ष को मुद्दाविहीन बताते हुए कहा कि वे केवल दुष्प्रचार कर रहे हैं, क्योंकि जनता ने उनको नकार दिया है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा कश्यप समाज सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचे। ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ का मूल मंत्र इसी भावना से प्रेरित है। सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पिछड़ा वर्ग का सबसे बड़ा हितैषी बताया और कहा कि श्री मोदी जी ने केंद्रीय ओ.बी.सी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिलवाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन है। आज आवश्यकता है कि इस विजन को साकार करने के लिए हम जाति, क्षेत्र, भाषा जैसे भेदभावों को मिटाकर आगे बढ़ने का संकल्प लें।
