चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में चलाई जा रही ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम अब केवल पारंपरिक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि नशों के खिलाफ पंच-सूत्रीय व्यापक रणनीति के रूप में आगे बढ़ रही है। इसके तहत पुलिस, अध्यापक, सामुदायिक वॉलंटियर, नौजवान और स्वास्थ्य कर्मचारी मिलकर नशों की आपूर्ति के नेटवर्क पर कार्रवाई करने, नशों की रोकथाम करने, रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने और नशों की समस्या से जूझ रहे लोगों को समय पर इलाज मुहैया करवाने के लिए काम कर रहे हैं।
50,000 से अधिक गांव और वार्ड रक्षा कमेटी सदस्यों को ‘नशा मुक्ति ऐप’ के इस्तेमाल बारे प्रशिक्षण दिया जा चुका है, सामुदायिक प्रतिनिधि न केवल नशा तस्करी से संबंधित जानकारी मुहैया करवा रहे हैं, बल्कि नशों की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद की जरूरत बारे भी जानकारी दे रहे हैं, जिससे सरकारी अधिकारियों को सही समय पर हस्तक्षेप करने के सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ एक ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिसमें पुलिस थाने, गांव, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र अब अलग-अलग मोर्चे नहीं रहे, बल्कि नशों के खिलाफ एक ही मुहिम के आपस में जुड़े हुए हिस्से हैं।