अयोध्याः राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। जहां, माम मंदिर ट्रस्ट की मीटिंग में महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। मामला सामने आने के बाद से चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे थे। जिसके बाद एसआईटी जांच शुरू होने के बाद दोनों ने इस्तीफा दे दिया था जिसे आज स्वीकार कर लिया गया।
चंपत राय के करीबियों का दावा है की प्रभु की सेवा के लिए किसी पद की अनिवार्यता ज़रूरी नहीं है। प्रभु की सेवा करते रहेंगे। महंत नृत्य गोपाल दास,स्वामी गोविंद गिरि महाराज़, स्वामी विश्वप्रशन्न तीर्थ, कृष्ण मोहन समेत तमाम सदस्य इस मीटिंग में शामिल हुए।
देशभर में हो रही बदनामी
आज हुई ट्रस्ट की बैठक में चर्चा हुई है कि चढ़ावा चोरी की वजह से देशभर में बदनामी हो रही है। बैठक में दीनेन्द्र दास से कहा गया गया कि पहले चर्चा महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर हो बाद में आप अपना विषय रखें, उस पर भी चर्चा होगी. इस मीटिंग में गोपाल राव भी शामिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सदस्यों ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया।
नियुक्तियों में चंपत राय की अहम भूमिका
ट्रस्ट की मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई कि फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा को जिम्मेदारी लेनी होगी. चंपत राय की भूमिका ट्रस्ट में महासचिव की थी. ट्रस्ट में यह बात भी रखी गई कि ट्रस्ट में जितनी भी नई नियुक्तियां हुईं वो चंपत राय और अनिल मिश्रा के द्वारा ही की गई थी।
दोनों लोग बैठक से रहे बाहर
ट्रस्ट की हुई बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सर्वसम्मित से फैसला लिया गया। ये दोनों इन बैठक में शामिल नहीं हुए थे। दोनों को बाहर ही रोक दिया गया था। अब देखना है कि इन दोनों के इस्तीफे के बाद इन पर क्या एक्शन होता है?

