चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक है। अंबाला में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंबाला साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा, जबकि निर्माणाधीन शहीद स्मारक के निकट उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक उनका दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा, राजनीति और राष्ट्र निर्माण में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता से अधिक राष्ट्रहित को महत्व दिया और भारत की एकता एवं अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के “एक राष्ट्र में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” के संकल्प को साकार किया गया।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के प्रणेता थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को विभिन्न राष्ट्रीय नीतियों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले निर्णय हैं। उन्होंने हरियाणा की डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और किसानों के हित में किए गए कार्य विकास को नई गति दे रहे हैं।

