अति विशिष्ठ उपचार के लिए देहरादून का अस्पताल टाईअप करने के लिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी
बददी,सचिन बैंसल: कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर सिंह ने कहा कि पांवटा साहिब में ESICअस्पताल खोलने के लिए प्रस्ताव निगम के मुख्यालय को भेजा जाएगा। वह शुक्रवार को पांवटा साहिब में विभिन्न उद्योगों के एचआर अधिकरियो के साथ बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब डिस्पेंसरी को अपग्रेड करके यहां पर छह बैड का अस्पताल बनाया जा सकता है। निगम ने कई स्थानों पर ऐसे अस्पताल बनाए है। देहरादून पांवटा साहिब से नजदीक है। पंचकूला यहां से काफी दूर है। अति विशिष्ठ उपचार के लिए देहरादून के निजी अस्पताल को निशुल्क उपचार के लिए टाईअप करने की प्र्किया जल्द ही पूरी कर दी जाएगी। सकेंडरी केयर उपचार के लिए राज्य सरकार पांवटा के एक निजी अस्पताल को टाईअप किया है जल्द ही सकेंड़री केयर के लिए एक ओर अस्पताल को टाई अप किया जाएगा।
पांवटा अस्पताल मे शटल बस सेवा को चालू करने के लिए विचार किया जाएगा। पांवटा साहिबकी इएसआई डिस्पेंसरी में एक में दो व एक में एक ही चिकित्सक है। यहां पर दोनों डिस्पेंसरी में स्टाफ बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी। एक्सरे व अल्ट्रा साऊंड के लिए पांवटा साहिब की अच्छी प्रयोगशाला को टाईअप किया जाएगा। इससे पूर्व चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष सतीश गोयल ने कामगारों के समक्ष आने वाली समस्याओं को क्षेत्रीय निदेशक के सामने रखा जिसमें पांवटा साहिब में ईएसआई अस्पताल बनाने की उठेगी मांग, कैशलेस इलाज में आ रही दिक्कते, 10 बिस्तरों वाली डिस्पेंसरी, डॉक्टरों की तैनाती और आपातकालीन मरीजों से वसूली बंद करने का मुद्दा उठायागया।
कानूनी सलाहकार देवव्रत यादव ने औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में ईएसआई स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। ESIअस्पताल का निर्माण, मौजूदा डिस्पेंसरी को 10 बिस्तरों वाली स्वास्थ्य इकाई के रूप में अपग्रेड करने और डॉक्टरों की कमी दूर करने की मांग रखी। क्षेत्र में ईएसआई पैनल अस्पताल की सुविधा न होने, सेकेंडरी केयर के लिए तत्काल कैशलेस इलाज शुरू करने और आपातकालीन मरीजों से मंजूरी मिलने तक पैसे वसूलने पर रोक लगाने की मांग उठाई।
इसके अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और लैब जांच की सुविधाएं उपलब्ध करवाने, रेफरल प्रक्रिया सरल बनाने, सुपर स्पेशियलिटी उपचार, जीवनरक्षक सुविधाओं से युक्त एंबुलेंस और कैंसर मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। क्षेत्रीय बोर्ड समिति में प्रतिनिधित्व और सरेंडर न किए गए एस्टेब्लिशमेंट कोड का मामला भी उठाया गया। इन मांगों का उद्देश्य पांवटा साहिब के बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
