नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महर्षि के ‘मानवता के लिए दिए गए अमूल्य संदेश देश के लोगों के लिए हमेशा मार्गदर्शन का काम करेंगे।’ एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘X’ (ट्विटर) पर कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं पीढ़ियों तक राष्ट्र को संवारती रहेंगी और मानवता के लिए उनके अमूल्य संदेश देश के लोगों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक की तरह रहेंगे।
उन्होंने कहा कि उनके महान विचार भारतीय संस्कृति और विरासत की नींव रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को संवारते और समृद्ध करते रहेंगे।’ महर्षि वाल्मीकि ने ही हिंदू महाकाव्य ‘रामायण’ की रचना की थी। महर्षि वाल्मीकि को भगवान राम की कथा ‘रामायण’ के सबसे पुराने संस्करण का रचयिता माना जाता है। साहित्य और आध्यात्मिकता में उनके योगदान ने उन्हें लोगों के बीच बहुत आदरणीय बना दिया है। उन्हें ‘आदि कवि’ (संस्कृत भाषा के पहले कवि) के रूप में सम्मान दिया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार वाल्मीकि जयंती आश्विन महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार सितंबर-अक्टूबर के महीने में आती है।