शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और समाज की आवश्यकताओं के बीच समन्वय को मजबूत करने का आह्वान किया है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), हमीरपुर में आयोजित शिक्षा महाकुंभ अभियान के छठे संस्करण को संबोधित किया।

इस अभियान में संस्करण का विषय विज्ञानमय भारत-विकसित भारत है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का आधार वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की संस्कृति, नवाचार और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता पर आधारित होना चाहिए।
अनुसंधान से समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को इंगित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वैज्ञानिक खोजों और तकनीकी प्रगति का लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होना चाहिए, दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सहायता मिलनी चाहिए तथा जल एवं ऊर्जा संरक्षण, आपदा प्रबंधन के सुदृढ़ीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित होना चाहिए।

विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रकृति के साथ बेहतर संतुलन स्थापित करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाने के लिए आयोजकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा महाकुंभ 6.0 ज्ञान से नवाचार, नवाचार से समाधान और समाधान से राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान देगा।
