गाड़ी के मालिक ने लगाई इंसाफ की गुहार, विवादों में घिरी पुलिस
जालंधरः फगवाड़ा गेट में सट्टेबाजी के मामले में पुलिस ने दो दिन पहले मोनू के घर पर रेड की थी। इस दौरान पुलिस ने घर से कंप्यूटर, 4 मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया था। पुलिस ने मौके से 14 लोगों को राउंडअप भी किया था।
इस मामले में आज थाना नंबर 3 की पुलिस द्वारा मोनू समेत अन्य आरोपियों को मेडिकल करवाने के लिए प्राइवेट गाड़ी में ले जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर गाड़ी के मालिक जश्नदीप सिंह ने अपनी बात रखी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पुलिस कर्मियों ने मांगी थी गाड़ी
जश्नदीप सिंह ने बताया कि पुलिस मुलाजिमों ने उनसे कहा कि उन्हें पुलिस के एक आरोपी को ले जाने के लिए गाड़ी की जरूरत है। जश्नदीप सिंह के अनुसार, कुछ समय बाद कुछ अन्य पुलिस कर्मी वहां पहुंचे। उन्होंने उनके ड्राइवर को गाड़ी से उतार दिया और खुद गाड़ी लेकर चले गए।
गाड़ी में रखे थे जरूरी कागजात
गाड़ी के मालिक ने बताया कि उनकी गाड़ी के अंदर जरूरी कागजात रखे हुए थे। ऐसे में गाड़ी को इस तरह लेकर जाने से उन्हें परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी गाड़ी के साथ किसी भी तरह की कोई घटना होती है या गाड़ी को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।
जश्नदीप सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने इस मामले को लेकर मीडिया को बयान देने की बात कही। इस पर कांस्टेबल अमरजीत ने उनसे कहा कि वह मीडिया को बाइट दे सकते हैं और इसमें कोई परेशानी नहीं है।
थाना नंबर 3 के एसएचओ जगदीश लाल से एनकाऊंटर के पत्रकार ने फोन पर बात की तो उन्होंने ने प्राइवेट गाड़ी का पुलिस मुलाजिमों द्वारा इस्तेमाल करने से मना कर दिया। लेकिन जब पत्रकार ने कहा कि उसके पास पीड़ित का वीडियो मौजूद है तो थाना प्रभारी ने मामले को लेकर कोप्रेट करने की दुहाई देने लगा।
फिलहाल, यह मामला प्राइवेट गाड़ी में आरोपियों को मेडिकल के लिए ले जाने और गाड़ी के मालिक की ओर से जताई गई चिंता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
