चंडीगढ़: हरियाणा में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए ‘सखी – वन स्टॉप सेंटर’ योजना एक बड़ा संबल साबित हो रही है। “सशक्त महिला, सुरक्षित महिला” के संदेश के साथ कार्य कर रहे इन केंद्रों के माध्यम से शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक या आर्थिक हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 22 वन स्टॉप सेंटर पूरी तरह से क्रियाशील हैं। इनमें से 10 सेंटर अपने स्वयं के भवनों से संचालित हो रहे हैं तथा 5 नए अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सितंबर 2026 तक कुल 66,818 मामलों का निवारण और सहायता प्रदान की जा चुकी है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इन केंद्रों पर पीड़ित महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता, मुकदमे के लिए कानूनी सहायता, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परामर्श, एफआईआर दर्ज करवाने व पुलिस सुरक्षा में सहायता तथा 20 दिनों तक का अल्पकालिक सुरक्षित अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है। इस अस्थायी आश्रय में महिलाओं और उनके बच्चों (किसी भी उम्र की लड़कियां तथा 12 वर्ष तक के लड़के) के लिए बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, ऑनर किलिंग, तेजाब हमला या किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित हर महिला इन केंद्रों से सहायता प्राप्त कर सकती है। बेहतर समन्वय के लिए इन सेंटरों को वूमेन हेल्पलाइन 181, इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सीडीएसी के माध्यम से जोड़ा गया है।
