तेल अवीवः इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को बहादुरी के लिए सम्मानित करने का ऐलान किया है। उन्हें यह सम्मान दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित तौर पर विमान को हाईजैक करने की कोशिश के दौरान दिखाई बहादुरी के लिए दिया जाएगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने सूझबूझ और पेशेवर कौशल का परिचय देते एक बड़े हादसे को टालने में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति हर्जोग ने 8 अक्टूबर, 2026 को छह इजरायली नागरिकों को बहादुरी के लिए सम्मानित करते भारतीय पायलट को भी पुरस्कार देने की घोषणा की। इन नागरिकों ने 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 में संकट के दौरान साहस दिखाया था। हर्जोग ने कहा कि स्मित मच्छार की पेशेवर सूझबूझ ने बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पायलट के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई और कहा कि उनकी सेहत में सुधार होने पर वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ प्रदान करेंगे।
यह पुरस्कार 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद शुरू किया गया था। इसके जरिए उन नागरिकों को सम्मानित किया जाता है, जो खतरनाक परिस्थितियों में दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
इस घटना के दौरान बहादुरी दिखाने वाले छह इजरायली नागरिकों ज्विका और ताली मानेस, यानीव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, असाफ राजुआन और ओर पारदिलोव को भी सम्मानित किया गया। जानकारी के मुताबिक 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 उस समय गंभीर संकट में फंस गई, जब ओमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे छह यात्री अंदर पहुंच सके और को-पायलट को काबू करने में मदद कर सके। इसके बाद विमान में सफर कर रहे दो ऐसे पायलट, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाल लिया।
विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई। इस घटना में स्मित मच्छार की भूमिका को बड़ी त्रासदी टालने में अहम माना जा रहा है। अब उनके स्वस्थ होने के बाद इजरायल के राष्ट्रपति उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करेंगे।
