पठानकोटः जिले में नियमों को ताक पर रखकर बिना मंजूर नक्शे के अवैध आलीशान कोठियों का निर्माण कार्य लगातार पैर पसार रहा है। हैरत की बात यह है कि नगर निगम और प्रशासन द्वारा कई इमारतों को सील किए जाने के बावजूद भू-माफिया और बिल्डरों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। सील की गई इमारतों के पीछे या अगल-बगल से चोर-रास्ते निकालकर अंदर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी रखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए एक नया पैंतरा अपनाया जा रहा है। निर्माणकर्ता शनिवार, इतवार (वीकेंड) और सरकारी छुट्टियों के दिनों का इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इन दिनों प्रशासनिक दफ्तरों में अवकाश रहता है।
इन छुट्टियों का फायदा उठाकर दिन-रात निर्माण सामग्री पहुंचाकर काम निपटाया जाता है। कार्रवाई और मीडिया की नजरों से बचने के लिए इन अवैध निर्माण स्थलों की बाहरी दीवारों पर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे तक लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए आसपास की गतिविधियों और पत्रकारों की आवाजाही पर नज़र रखी जाती है, ताकि किसी के आने से पहले ही काम रोककर मजदूरों को छुपा दिया जाए या मुख्य रास्ते बंद कर दिए जाएं। वहीं इस पूरे मामले पर जब नगर निगम/प्रशासनिक अधिकारी से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ विभाग पूरी तरह सतर्क है।
शहर व नो-कंस्ट्रक्शन जोन के तहत जितने भी अवैध निर्माण सामने आते हैं, हम फील्ड चेकिंग के दौरान पहले उन्हें नोटिस जारी करते हैं। यदि फिर भी काम नहीं रोका जाता, तो माननीय कमिश्नर के आदेश और अनुमति से इमारत को सील कर दिया जाता है। यदि कोई व्यक्ति सील तोड़कर या शनिवार-रविवार व छुट्टी के दिनों का फायदा उठाकर काम करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस विभाग को लिखित शिकायत देकर सख्त कानूनी कार्रवाई व एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। हमारा स्टाफ छुट्टियों के दिन भी सक्रिय रहता है। मिलीभगत के आरोप बेबुनियाद हैं, सभी अधिकारियों के फोन नंबर दफ्तर के बाहर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित हैं। किसी भी अवैध इमारत की सूचना मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
