तेल अवीवः दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे एक यात्री विमान में आसमान में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब विमान से अचानक विमान अपहरण (हाईजैक) का अंतर्राष्ट्रीय संकट कोड प्रसारित हो गया। इस अलार्म के बजते ही इजरायल से लेकर मध्य पूर्व के कई देशों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को हवा में तैनात कर दिया गया। हालांकि, बाद में इस विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट कर सुरक्षित उतार लिया गया।
विमान कंपनी फ्लाईदुबई ने स्पष्ट किया है कि विमान हाईजैक नहीं हुआ था, बल्कि कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच लड़ाई और विवाद के चलते इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया था। घटना बुधवार सुबह की है जब फ्लाईदुबई के विमान ने 150 से अधिक यात्रियों को लेकर दुबई से सुबह 7:05 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी थी। लगभग डेढ़ घंटे के सफर के बाद जब विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में पहुंचा, तभी अचानक कॉकपिट से पहले अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन कोड 7700 और फिर तुरंत बाद विमान अपहरण का सूचक माना जाने वाला कोड 7500 प्रसारित कर दिया गया। सिग्नल मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए। विमान ने उसी वक्त अचानक यू-टर्न लिया और कम ऊंचाई पर उड़ते हुए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में लौट गया।
विमान के हाईजैक होने का सिग्नल मिलते ही और उसके फ्लाइट ट्रैकिंग रडार से अचानक ओझल होने पर इजरायल में गंभीर तनाव की स्थिति बन गई। हालात की गंभीरता को देखते प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ तुरंत एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई। खतरे को भांपते इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को भी तुरंत सक्रिय कर दिया था। हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद सुरक्षा सूत्रों ने साफ किया कि अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है और पायलटों के आपसी संकट के कारण यह सिग्नल जनरेट हुआ था।
अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल के बीच सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस तब ली जब विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़कर सकुशल लैंड करवा लिया गया। सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान एक बार फिर ट्रैकिंग ऐप पर सक्रिय दिखाई देने लगा और सभी 150 से ज्यादा यात्रियों के पूरी तरह सुरक्षित होने की पुष्टि हुई।