नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध अभी तक खत्म नहीं हुआ है। दोनों ही देशों में इसको खत्म करने के लिए समझौता नहीं हो पा रहा। वहीं ट्रंप बाकी देशों से भी ईरान की मदद करने के लिए मना कर रहे हैं। अब इसी के बीच अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को 10 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन व्यक्तियों पर रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के रसद विभाग के लिए हथियार और पुर्जे खरीदने का आरोप लगा है।
वहीं अमेरिका ने अब ईरान पर ये प्रतिबंध ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट अभियान के अंतर्गत लगाया है। जिन पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। उसमें बीजिंग स्थित रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के रसद विभाग को एक प्रतिनिधि और ईरान, चीन, हांगकांग, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की में फैले हुए खरीद नेटवर्क भी शामिल है।
अभी तक नहीं की गई संपत्तियां फ्रीज
वित्त मंत्रालय ने साफ कह दिया है कि इन नेटवर्कों ने ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए इलेक्ट्रोनिक्स की आपूर्ति की और हथियारों की खरीद और वितरण में मध्यस्थ के रुप में काम किया है। इन प्रतिबंधों के अंतर्गत अमेरिका से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। प्रतिबंधित पक्षों के साथ लेन-देन करने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर द्वितीयक प्रतिबंध भी लग सकते हैं।
होर्मुज से निकलेगा ज्यादा तेल
ईरान पर ट्रंप ने बयान दिया है। उनका यह कहना है कि – वो हार मान लेंगे हमने पिछले कुछ दिनों में होर्मुज जलडमरुमध्य से इतिहास में किसी भी समय की तुलना में ज्यादा तेल निकाला है और यह कहा है कि ईरान की हालत बहुत खराब है और उन्हें नहीं पता है कि वो अभी हार मानेगा या नहीं।
ईरान ने किया दावा
वहीं ईरान ने यह दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना के दूसरे एडवांस अंडरवाटर व्हीकल यानी की मानवरहित पनडुब्बी रेमस 6000 पर कब्जा कर लिया है। आईआरजीसी का कहना है कि यह कब्जा कोर्डिनेटेड और कॉम्प्लेक्स ऑपरेशन के जरिए किया है। इसमें ईरानी सेना की खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं का फायदा भी उठाया गया है।