चंडीगढ़ः पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नशे के खिलाफ यात्राएं निकाल रही है। ऐसे में इंडियन नेशनल कांग्रेस की तरफ से प्रेस वार्ता के जरिए कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जालंधर रैली को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की नशा मुक्त यात्रा आज पूरी हो रही है । भाजपा की इस यात्रा को लोगों का सहयोग नहीं मिला। राजनीतिक नफा-नुकसान का जरिया बना रही हैं। प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में चल रहे गंभीर ड्रग्स (नशे) के संकट को सुलझाने के बजाय बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इसे केवल राजनीतिक नफा-नुकसान का जरिया बना रही है। इसके साथ ही उन्होंने अमित शाह और केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा केंद्र के हाथ में है, इसलिए पंजाब पर उंगली उठाकर बीजेपी भी अपनी नाकामी से बच नहीं सकती।
ड्रग्स सप्लाई की चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने में दोनों सरकारें विफल रही है। बाजवा ने कहा कि अमित शाह पंजाब के लोग जवाब मांगते है कि जितने सरहदी जिले है वहां पहले कंडे वाली तार से 15 किलोमीटर हर बीएसएफ देखरेख करती है उसके बाद इसे 50 किलोमीटर में तब्दील कर दिया। जिसके चलते अब अमित शाह की संयुक्त जिम्मेदारी है। बाजवा ने कहा कि जिस हिसाब से सरहद पार से हथियार और नशा पंजाब में आ रहा है तो अमित शाह बताए की एंटी ड्रोन सिस्टम क्यों काम नहीं कर रहा। बाजवा ने कहा कि कुछ ऐसा नशा ports से आ रहा है। मुद्रा port से 3000 किलो हेरोइन पकड़ी गई थी।
अभी कल ही लक्षयदीप से नशे की बड़ी खेप पकड़ी गई है। बाजवा ने कहा कि अमित शाह सिर्फ वोट मांगने ना आओ अपना रिपोर्ट कार्ड भी देकर जाओ। उन्होंने आरोप लगाए है कि जहां भाजपा की सरकारें है, वहां की जेलो से गैंगस्टरों का नेक्सेस चल रहा है। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार बताएं कि उन्होंने कौन से बडे नशा तस्कर पकड़े, सिर्फ यहां ब्लेम गेम चल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस का नार्को टेस्ट हो तो उसमें बड़े खुलासे होंगे और ब्लैक शिप सामने आएगी। बाजवा ने कहा कि मुझे पंजाब पुलिस और बीएसएफ का कोई कोर्डिनेशन वाला एफर्ट नजर नही आया। उन्होंने अमित शाह से कहा कि हमारी 2 बड़ी यूनिवर्सिटी में बड़ी घटनाएं हुई।
यह बहुत बड़ा खतरा है इन घटनाओं का पर्दाफाश होना चाहिये। किसने एलिगेशन लगाये कौन लोग इसके पीछे है। स्टूडेंट इसमें कम है आउट साइडर इसमें ज्यादा है। यह चुनाव से पहले एक एक्सपेरिमेंट किया गया है। चुनाव के नजदीक इस तरह की कोई ना कोई घटना करवाई जा सकती है। पंजाब को ओर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। यूनिवर्सिटी के मसले पर ज्यूडिशियल कमीशन बनना चाहिए। हाई कोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच होनी चाहिए। एक महीने के अंदर इसकी जांच होनी चाहिए। बाजवा ने कांग्रेस पार्टी को कहा कि एलनिनो इफेक्ट है, मौसम बदल रहा है पार्टियों में भी बदलाव हो सकता है, यह पार्टी आलाकमान का फैसला होगा।