जालंधर, ENS: केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब प्रभारी केवल ढिल्लों के साथ श्री देवी तालाब मंदिर में पहुंचे। जहां मंदिर कमेटी द्वारा उनका स्वागत किया गया। श्री देवी तालाब मंदिर में नतमस्तक होने के बाद वह रैली के लिए रवाना हो गए। ऐसे में चॉपर में रवाना होने की तस्वीरें भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता हैकि वह रैली के लिए चॉपर से रवाना हो गए। वहीं परागपुर के पास बने मैदान में सिक्योरिटी तैनात की गई है। अमित शाह के रैली में पहुंचने से पहले भारी संख्या में लोग पंडाल में पहुंचने लगे है। दरअसल, अमित शाह को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।
रैली के आयोजन के लिए करीब 63 एकड़ जमीन तैयार की गई है। इसमें अकेले 28 एकड़ में विशाल पंडाल बनाया गया है। रैली का स्थल पहले 40 एकड़ में तय किया गया था। बाद में इसे 50 एकड़ तक बढ़ाया गया और लोगों के आने का अनुमान बढ़ने के बाद क्षेत्रफल करीब 63 एकड़ किया गया। ताजा रिपोर्टों में भी आयोजन स्थल को 60 से 65 एकड़ के बीच बताया गया है। वहीं अमित शाह के पहुंचने से पहले मुस्लिम समाज के कुछ नताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है।
ऐसे में रैली में अमित शाह नशा मुक्त यात्रा रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह नशे के दलदल में फंसे परिवार की परेशानियों को सुनेंगे। वहीं तस्वीरों में देखा जा सकता हैकि दोआबा कॉलेज के पास चॉपर में सवार होकर अमित शाह आते दिखाई दे रहे है। बता दें कि अमित शाह के जालंधर दौरे को लेकर विपक्ष द्वारा भाजपा पर कटाक्ष शुरू हो गया। अमित शाह के स्वागत और विरोध के बीच शहर के विभिन्न रास्तों पर सवालों वाले बोर्ड लगाए गए। इन बोर्डों पर अमित शाह और केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल पूछे गए हैं।
श्री देवी तालाब मंदिर और रैली स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर लगाए गए इन बोर्डों ने लोगों का ध्यान खींचा है। बोर्डों के माध्यम से स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ पंजाब से जुड़े विभिन्न मामलों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है। हालांकि बीते दिन सासंद चरणजीत सिंह चन्नी और विधायक परगट सिंह ने भाजपा की नशा मुक्त रैली के दौरान जमकर निशाने साधे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा से सवाल किए थे कि देश में वह 15 सालों से सत्ता में है। हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में उनकी सरकारें है, लेकिन फिर भी वहां पर नशा क्यों नहीं खत्म हो रहा। वहीं बॉर्डर एरिया से आ रही नशे की खेप को लेकर भी निशाने साधे थे।