चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर ‘पराली संरक्षण बल’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह बल पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, देर शाम और रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी तथा खेतों में आग की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में राज्य कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राज्य में पराली प्रबंधन और निगरानी के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने बताया कि देर शाम गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि कुछ किसानों द्वारा उपग्रहों की निगरानी से बचने के लिए अंधेरा होने के बाद पराली जलाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुरूप राज्य में ‘दृश्य’ के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। उपायुक्तों को पहले से उन गांवों और स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।