नई दिल्लीः लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कनाडा में कथित तौर पर भेजा धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद वहां सक्रिय भारतीय गैंग नेटवर्क को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह पत्र 2025 में ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफोर्ड पुलिस विभाग को भेजा गया था। पत्र में कथित रूप से गैंग ने कनाडा में अपने 5,000 सदस्य होने और पुलिस से अधिक हथियार होने का दावा किया था।
पत्र की प्रति कनाडाई मीडिया को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में मिली। ये एक ऐसे बिश्नोई सहयोगी से संबंधित इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) की सुनवाई के दस्तावेजों का हिस्सा थी, जिसे जुलाई में निर्वासित करने का आदेश दिया गया था। पत्र पर ‘Lawrence gang from India’ लिखा होने की बात सामने आई है। हालांकि वायरल पत्र की स्वतंत्र रूप से प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार पत्र में कथित तौर पर लिखा गया कि गैंग के पास कनाडा में 5,000 से अधिक सदस्य हैं और वह पैसे लेकर गोलीबारी करा सकता है। पत्र में यह भी दावा किया कि गैंग के पास पुलिस से अधिक हथियार हैं और वह कनाडा में ‘राज’ करेगा।
हालांकि हमारा चैनल इस पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। मई 2026 में एक निर्वासन सुनवाई के दौरान एबॉट्सफोर्ड पुलिस के एक अधिकारी ने इसी तरह के पत्र का जिक्र किया था। उस समय अधिकारी के अनुसार पत्र में बिश्नोई गैंग से जुड़े 1,000 से अधिक ऐसे लोगों का दावा किया गया था जो गोलीबारी करने के लिए तैयार थे। पुलिस ने उस पत्र को प्राप्त होने की पुष्टि भी की थी।
FINTRAC ने यह भी कहा कि कुछ छोटे समूह और ‘कॉपीकैट’ अपराधी बड़े गैंग के नाम और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल अपनी जबरन वसूली की धमकियों को प्रभावी बनाने के लिए कर सकते हैं। इसलिए हर धमकी या अपराध को सीधे बिश्नोई गैंग से जोड़ना जरूरी नहीं है।
कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को बिश्नोई गैंग को अपने आपराधिक कानून के तहत आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध किया था। सरकार के अनुसार संगठन की कनाडा में मौजूदगी है और उस पर जबरन वसूली, धमकी, हत्या, गोलीबारी और आगजनी जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इस सूचीकरण से कनाडाई अधिकारियों को संगठन की संपत्ति जब्त या फ्रीज करने तथा आतंकवाद से संबंधित अपराधों पर कार्रवाई के लिए अतिरिक्त कानूनी अधिकार मिलते हैं।