सेहत: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो पहले ज्यादा उम्र के लोगों के घेरती थी परंतु अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। 20-30 साल की उम्र में यदि लंबे समय तक आपको कोई परेशानी रहती है जैसे कि तनाव, गैस, बवासीर या खराब रुटीन तो इन्हें हल्के में न लें। ऐसे लक्षण ज्यादातर किसी दूसरी बीमारी के कारण से भी होते हैं परंतु उनका सही कारण क्या है इसके लिए एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
कम उम्र के लक्षण न करें इग्नोर
युवाओं की अक्सर यही सोच होती है कि उनको कोई बड़ी बीमारी नहीं हो सकती ऐसे में शरीर में होने वाली छोटी-मोटी दिक्कतों को अक्सर 20-30 उम्र के युवा इग्नोर कर देते हैं। जैसे कि पेशाब के दौरान बार-बार खून आना बवासीर का कारण हो सकता है पर हर बार खून बवासीर के कारण आए यह जरुरी नहीं हो सकता। वहीं पेट में लगातार दर्द होना, शरीर में कोई गांठ या फिर बिना वजह अगर आपका वजन कम हो रहा है तो यह अलग-अलग कारणों से हो सकता है। खास बात यह है कि यदि आपको कोई समस्या लंबे समय से है तो एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
खान-पान और डेली रुटीन भी बनेगी बीमारियों का कारण
युवाओं की डेली रुटीन काफी व्यस्त होती है। देर रात तक काम करते रहना, नींद पूरी न होना, घंटों तक फोन और लैपटॉप चलाते रहना जिससे फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। ऐसे में अक्सर लोग छोटे-छोटे संकेतों को इग्नोर कर देते हैं। तनाव और कम नींद कैंसर का कारण नहींहो सकती। वहीं खान-पान के चलते भी सेहत पर असर होता है। ज्यादा वजन, तंबाकू का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी कम और फल सब्जियां कम खाना भी कैंसर जैसी परेशानियों का कारण बन सकता है। ऐसे में अपनी डेली रुटीन की आदतों पर ध्यान जरुर दें।
कैंसर के लक्षण होते हैं अलग
शरीर में अगर कोई गांठ लंबे समय तक रहती है या फिर बिना कारण वजन कम हो रहा है तो भी एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें। अगर मुंह में छाला होकर लंबे समय तक ठीक नहीं हो पा रहा तो भी इग्नोर करें। इसके अलावा खांसी रहना, आवाज में बदलाव, ऐसा घाव जो ठीक ही नहीं हो रहा है तो ऐसे संकेतों पर जरुर ध्यान दें। एक्सपर्ट्स की मानें तो कैंसर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। कैंसर के प्रकार और व्यक्ति के जोखिम पर निर्भर करता है। ऐसे में इसके लक्षणों की समय पर देखभाल करके कैंसर की पहचान सही समय पर की जा सकती है।