अस्पतालों में स्टाफ की कमी होगी दूर, 251 पदों को दी मंजूरी
चंडीगढ़ः पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में 251 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि बैठक में पीपीएससी ग्रुप-1 रेगुलेशन में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा बैठक में नई भर्तियां निकालने पर भी चर्चा हुई। बैठक में पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट पालिसी को हरी झंडी दे दी गई।
इनमें चमकौर साहिब के उपमंडलीय अस्पताल के लिए 33, मालेरकोटला के स्वास्थ्य विभाग के लिए 19, चिकित्सा व दंत चिकित्सा अधिकारियों के 80 तथा उपमंडलीय अस्पतालों और नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 119 पद शामिल हैं। इसके साथ ही पंजाब लोक सेवा आयोग में ग्रुप-ए के नियमों में संशोधन और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। हरपाल चीमा ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अब तक युवाओं को 71 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि नए पदों के सृजन का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की कमी दूर करना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
चमकौर साहिब के उपमंडलीय अस्पताल में 33 पद सृजित किए गए हैं। सरकार के अनुसार इससे अस्पताल में चिकित्सकीय स्टाफ की कमी दूर होगी और क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। मालेरकोटला में स्वास्थ्य विभाग के लिए 19 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सहायक सिविल सर्जन और जिला परिवार कल्याण अधिकारी सहित अन्य पद शामिल हैं। नया जिला बनने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन को मजबूत करने के लिए इन पदों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चिकित्सा अधिकारियों और दंत चिकित्सा अधिकारियों के 80 पदों को मंजूरी दी गई। वहीं, उपमंडलीय अस्पतालों और नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 119 पद सृजित किए गए हैं। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कैबिनेट ने खाद्यान्न से जुड़ी नीतियों को भी मंजूरी दी। इनमें पंजाब कस्टम मिलिंग नीति, खरीद विपणन सीजन-2026, पंजाब खाद्यान्न ढुलाई नीति-2027 और पंजाब खाद्यान्न श्रम एवं कार्टेज नीति-2027 शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन नीतियों से खरीद, ढुलाई और श्रम व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।