शामली: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब मशहूर गायक मासूम शर्मा को इंस्टाग्राम पर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। मासूम शर्मा ने अंकित बालियान के साथ कई गाने किए थे। अंकित की हत्या से एक दिन पहले ही मासूम की उससे बातचीत हुई थी। अंकित की मौत पर दुख जताते हुए मासूम ने कहा कि कलाकारों को अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं। दरअसल, गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। अब अंकित बालियान 005 के नाम से बनाई गई एक आईडी से वीडियो वायरल किया गया है, जिसमें प्रसिद्ध गायक मासूम शर्मा को भी जान से मारने की धमकी देने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो में एक युवक कथित तौर पर अंकित को गाली देने की बात कहते हुए उसकी हत्या का दावा करता है और इसके बाद मासूम शर्मा को निशाना बनाने की बात कहता नजर आ रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और एसटीएफ ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आईडी के फर्जी होने की बात सामने आ रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किसने बनाया, फर्जी आईडी किस डिवाइस से संचालित की गई और इसके पीछे किसकी भूमिका है। ऐसे में अंकित की हत्या के बाद उनके नाम से फर्जी आईडी बनाकर मासूम शर्मा को धमकी देने वाले वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।
हालांकि वीडियो में किए गए दावों की अभी पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, आईडी की जानकारी और वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वीडियो की वास्तविकता और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट हो सकेगी। अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उसके परिवार की मदद के नाम पर भी पोस्ट डालनी शुरू कर दी हैं। पोस्ट में क्यूआर कोड साझा कर लोगों से 200 से 300 रुपये तक भेजने की अपील की जा रही है।
पोस्ट में रक्षाबंधन का हवाला देते हुए अंकित के परिवार की आर्थिक मदद करने की बात कही जा रही है। हालांकि अंकित के परिवार ने इस तरह की किसी अपील की जानकारी होने से इनकार किया है। इससे सोशल मीडिया पर मदद के नाम पर फर्जीवाड़े की आशंका भी गहरा गई है। पुलिस अब दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। एक ओर फर्जी आईडी से वायरल धमकी भरे वीडियो का डिजिटल स्रोत तलाशा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर परिवार की मदद के नाम पर जारी किए गए क्यूआर कोड और पोस्ट डालने वालों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने या आर्थिक ठगी करने की कोशिश तो नहीं की जा रही।