मोगाः आम आदमी पार्टी की महिला विंग के पंजाब प्रधान डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान के ऊपर झूठे आरोप को लेकर विपक्ष पर भड़के। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आम आदमी पार्टी की महिला विंग के पंजाब प्रधान डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विपक्षी राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से राजनीतिक दलों में बौखलाहट है और इसी कारण अब व्यक्तिगत आरोपों और चरित्र हनन की राजनीति की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में सरकार से सवाल पूछना, विरोध करना और आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी और सम्मान पर बेबुनियाद आरोप लगाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब में सरकारी नौकरियों, बिजली बिलों में राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने, बिजली आपूर्ति में सुधार और तीर्थ यात्रा जैसी कई योजनाओं पर काम किया गया है। उनके अनुसार सरकार द्वारा किए गए इन कार्यों का राजनीतिक रूप से विरोध किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों के जरिए किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश गलत है।उन्होंने कहा कि हाल में मुख्यमंत्री के OSD राजवीर सिंह और अन्य लोगों पर लगाए गए कथित आरोपों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विधायक और कोई भी लीडर कोई कामों के लिए संबंधित नेताओं से मिलते हैं और उन्होंने किसी से पार्टी फंड के नाम पर किसी तरह की मांग किए जाने की बात से इनकार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा के जीजा सरदार रणजीत सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए आरोपों के संबंध में डॉ. गुरप्रीत कौर ने कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई है। ऐसा नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। सरकार के किसी फैसले में गलती दिखाई देती है तो विपक्ष को तथ्यों के साथ उस पर सवाल उठाना चाहिए। लेकिन महिलाओं और राजनीतिक नेताओं के परिवार के सदस्यों को निशाना बनाकर निजी आरोप लगाना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने पंजाब सरकार की महिला एवं बुजुर्गों से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उ
नका कहना था कि सरकार की ओर से महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन योजनाओं से लाभ मिलने की बात कई महिलाएं स्वयं सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से बता रही हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि यदि सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा है तो उसे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जनता के सामने रखा जाए। व्यक्तिगत आरोपों और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी की इज्जत पर हमला करने से राजनीतिक माहौल खराब होता है। उन्होंने अंत में कहा कि किसी की आवाज दबाना उद्देश्य नहीं है, लेकिन झूठे और बेबुनियाद आरोपों का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा। यदि किसी ने सार्वजनिक मंच पर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और चरित्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है, तो उसे उसके लिए अदालत में जवाब देना पड़ सकता है।

