जालंधर, ENS: बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर आज कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा पंजाब बंद की आह्वान किया गया है। वहीं कपूरथला चौक के पास कुछ दुकानें खुली दिखी और पीएनबी बैंक भी खुला दिखा। जिसके बाद जत्थेबंदियां मौके पर पहुंची और उन्होंने खुद बैंक व खुली दुकानों को बंद करवाया। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि नागपाल छोले-भटूरे की दुकान खुली हुई थी। इस दौरान दुकानदार ने कहा कि वह सामान तैयार करने के लिए दुकान खोलकर बैठे थे और तभी कुछ लोग कहने लगे उन्हें भूख लगी है और वह दुकान में आकर भटूरे खाने लग गए।
जिसके बाद जत्थेबंदियों द्वारा अब दुकान को बंद करवाया गया। वहीं जत्थेबंदी ने कहा कि 32 साल से बंदी सिख जेलों में बंद है और उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। हाल ही में चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने गई जत्थेबंदियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए थे। इन सभी मांगों को लेकर आज पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान जत्थेबंदी ने कहा कि अगर भाजपा सरकार राम रहीम को बार-बार पैरोल दे सकती है तो जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने के लिए पैरोल क्यों नहीं दी जा रही। वहीं पीएनबी बैंक खुला देखकर जत्थेबंदियां बैंक में गई और उनसे 2 बजे तक बंद की अपील की गई। इस दौरान कर्मियों को अब घर भेजा जा रहा है।
वहीं दाना मंडी में खुली दुकानों को बंद करवाया गया। वहीं वालिटी फूड की दुकान खुली देखकर जत्थेबंदियां दुकान में गई और रेस्टोरेंट को बंद करने की अपील की गई। दरअसल, कौमी इंसाफ मोर्चा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या और 1993 दिल्ली बम धमाके जैसे मामलों में सजा काट रहे बंदियों की रिहाई और पैरोल की मांग कर रहा है। मोर्चे की प्रमुख मांगों में बलवंत सिंह राजोआना शामिल हैं, जिन्हें 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन इसे कई बार स्थगित किया जा चुका है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा की रिहाई और पैरोल की मांग की जा रही है, जिन्हें फांसी की सजा मिली थी जिसे 2010 में उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसके अलावा 2010 में कैदी को भगाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की साजिश में 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा पाए गुरदीप सिंह खेड़ा की रिहाई की मांग भी इस आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।

