मीटिंग से पहला लिया अहम फैसला
नई दिल्ली: टाटा संस से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। टाटा सन्स के चेयरमैन N.Chandershekhran की ओर से 12 अगस्त 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया गया है। फरवरी में टाटा संस के बोर्ड ने उनको दोबारा से चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला टाल दिया था। बता दें कि 18 अगस्त को टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग होने वाली है ऐसे में टाटा संस ने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
फरवरी 2027 तक पूरा करेंगे कार्यकाल
सूत्रों की मानें तो एन.चंद्रशेखरन अभी अपना पद नहीं छोड़ेंगे। वो अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे। उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक का है। एन.चंद्रशेखरन साल 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं। इससे पहले वो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS के सीईओ भी रह चुके हैं। वह 1987 में टाटा ग्रुप से जुड़े हुए थे।
इस वजह से दिया इस्तीफा
बता दें कि चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल को लेकर भी टाटा संस और टाटा ट्रस्टस के बीच में मतभेद भी सामने आए थे। इसी के चलते फरवरी में चंद्रशेखरन को दोबारा से चेयरमैन बनाने का फैसला टाल दिया गया था। टाटा ट्रस्टस के चेयरमैन नोएल टाटा को दोबारा से नियुक्त होने का विरोध किया था। रिपोर्ट के अनुसार, नोएल टाटा यह चाहते थे कि टाटा संस भविष्य में कभी भी शेयर बाजार में न आए परंतु चंद्रशेखरन इस बात पर बिल्कुल भी सहमत नहीं थे। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच में बोर्ड के प्रतिनिधित्व को लेकर भी मतभेद की बात सामने आई थी।
एजीएम की वोटिंग पर भी बड़ा सस्पेंस
18 अगस्त को जो कंपनी की सालान बैठक होनी थी उसमें चंद्रशेखरन को बोर्ड में दोबारा से बतौर डायरेक्टर चुनने के लिए वोटिंग होनी थी। यदि वो डायरेक्टर नहीं रहते तो चेयरमैन के पद पर बने रहना भी मुश्किल हो सकता है।
जब से रतन टाटा की मौत हुई है तभी से ट्रस्टस और टाटा संस शेयर होल्डिंग और वोटिंग अधिकारों को लेकर कानूनी पचड़ों में फंस चुके हैं। एक ओर टाटा संस बोर्ड चंद्रशेखरन को अगले पद साल से विस्तार देना चाहते थे परंतु नोएल टाटा समूह की ओर से 65 साल के रिटायरमेंट नियम का हवाला देते हुए सिर्फ 2 साल के कार्यकारी कार्यकाल पक्ष में रहने के लिए कहा था।