जालंधर, ENS: शहर के गुरुद्वारा साहिब में सेवा कर रहे एक ग्रंथी द्वारा गुरुद्वारा परिसर में बीड़ी पीने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रंथी को गुरुद्वारा परिसर में फर्श पर बैठाकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य उससे पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार ग्रंथी की पहचान किरपाल सिंह निवासी राजपुरा पटियाला के रूप में हुई है। वीडियो में पूछताछ के दौरान उसने गुरुद्वारा परिसर में बीड़ी पीने की बात स्वीकार की। समिति के सदस्यों ने उसके बैग और मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और कैनफोर्स कैप्सूल मिले।
वीडियो में किरपाल सिंह ने बताया कि वह 6 अगस्त 2026 को जालंधर के अशोक नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब में सेवा के लिए आया था। उसने बताया कि उसके पास पेन ड्राइव थीं। कुछ पेन ड्राइव में गुरबाणी और गाने थे, जबकि कुछ में आपत्तिजनक वीडियो मौजूद थे। पूछताछ के दौरान उसने यह भी कहा कि समिति ने उसके ककार उतार दिए। पूछताछ के बाद उससे कागज पर अपनी गलती लिखवाई गई। साथ ही उससे यह भी लिखवाया गया कि वह भविष्य में किसी भी गुरुद्वारा साहिब में सेवा या ड्यूटी नहीं करेगा। वीडियो में उससे पूछा गया कि क्या उससे यह बयान किसी दबाव में दिलवाया जा रहा है।
इस पर उसने स्पष्ट कहा कि उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया और उसने अपनी मर्जी से यह बात लिखी है, जिसके बाद किरपाल सिंह ने बताया कि उसका मोबाइल फोन, पावर बैंक और अन्य सामान उसे वापस कर दिया गया है तथा उसके पिता से भी फोन पर बात करवाई गई। उसने गुरु साहिब और संगत के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा। उसने यह भी कहा कि वह अपना सामान लेकर सही-सलामत वहां से जा रहा है और यदि आगे उसके साथ कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं उसकी होगी। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने संगत और गुरुद्वारा प्रबंधकों से अपील की कि यदि किरपाल सिंह भविष्य में किसी गुरुद्वारा साहिब में सेवा के लिए पहुंचे तो उसे ड्यूटी पर न रखा जाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।