ऊना,सुशील पंडित: उद्योग विभाग की ओर से रैंप कार्यक्रम के अंतर्गत MSME की प्रतिस्पर्धात्मकता एवं बाजार पहुंच बढ़ाने हेतु आज (मंगलवार) को राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बाथू में “स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपी पोर्टल” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य MSME इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र ऊना के प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने की। जबकि हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में लगभग 60 MSME उद्यमियों ने भाग लिया। प्रबंधक डीआईसी ज्ञान चंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जेम पोर्टल MSME के लिए सरकारी खरीद का पारदर्शी माध्यम है। सभी इकाइयों को इस पर पंजीकरण करवाना चाहिए।
वहीं, हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्राकेश कौशल ने कहा कि अधिक से अधिक MSME को जेम पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। उन्होंने आरएएमपी टीम से अनुरोध किया कि जो भी इच्छुक उद्यमी हैं, उनका फॉलोअप करके उन्हें आवश्यक सहायता एवं सहयोग प्रदान किया जाए। कार्यक्रम के पहले सत्र में प्रशिक्षक तुषार शर्मा ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जानकारी दी। उन्होंने उद्योग 4.0, ऑटोमेशन, आईओटी, डेटा आधारित निर्णय और लागत अनुकूलन को उदाहरणों सहित समझाया।
दूसरे सत्र में जेम एवं सीपीपी पोर्टल पर प्रशिक्षण रवि वर्मा द्वारा दिया गया। उन्होंने पंजीकरण, बोली प्रक्रिया, एमएसएमई अनुकूल प्रावधानों और समयबद्ध भुगतान के बारे में बताया। रैंप टीम ने तकनीकी सहायता प्रदान की और कार्यशाला के दौरान 10 उद्यमियों का जेम पोर्टल पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण किया गया। इसके अतिरिक्त उद्यमियों ने कार्यशाला में गहरी रुचि दिखाई और फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के लिए उत्साह व्यक्त किया। इसके साथ ही प्रश्नोत्तर सत्र में पंजीकृत उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए।