फिरोजपुर: एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। जहां, गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकाबंदी के दौरान ANTF ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 30 किलो 600 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद की गई नाकाबंदी
ANTF के AIG गुरिंदर वीर सिंह ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर पंजाब समेत दूसरे राज्यों में इसकी सप्लाई करते हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी की। इसी दौरान जलालाबाद के पास फाजिल्का रोड पर एक कार में सवार तीन युवकों को शक के आधार पर रोका गया। कार की तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से पहुंचाई गई थी हेरोइन
जांच में सामने आया है कि बरामद हेरोइन की खेप पाकिस्तान में बैठे एक कथित अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर शाह पठान ने भारत में मौजूद अपने नेटवर्क की मदद से ड्रोन के जरिए भारत भेजी थी। बताया जा रहा है कि यह खेप फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव अली के इलाके में ड्रोन के माध्यम से पहुंचाई गई थी। इसके बाद गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इस खेप को आगे सप्लाई करने के लिए ले जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की ये हुई पहचान
ANTF के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनमोल प्रीत, आकाश और अंशप्रीत के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 22 से 25 साल के बीच बताई जा रही है।
दो आरोपी ITI के छात्र
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। अनमोल प्रीत ITI कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र है। आकाश भी ITI कॉलेज में सिविल ड्राफ्ट्समैन ट्रेड का फर्स्ट ईयर का छात्र है। अंशप्रीत एक निजी आर्किटेक्ट कंपनी में असिस्टेंट के तौर पर काम करता है।
अनमोल प्रीत को बताया जा रहा गिरोह का सरगना
जांच में ANTF को पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में अनमोल प्रीत कथित तौर पर इस ग्रुप का मुख्य आरोपी था। बताया जा रहा है कि फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव किलचे के रहने वाले सनी नामक कथित नशा तस्कर ने अनमोल प्रीत का संपर्क पाकिस्तान में बैठे नशा तस्करों से करवाया था। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाली नशे की खेप को भारत में आगे सप्लाई करने का नेटवर्क तैयार किया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी ANTF
ANTF अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। टीम आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी का उद्देश्य पाकिस्तान से भारत तक चल रहे इस पूरे नशा तस्करी नेटवर्क का पता लगाकर उसे खत्म करना है।