Health Tips: फिटनेस का मतलब सिर्फ पेट अंदर होना, ज्यादा वजन उठाना या तेज दौड़ पाना नहीं है। एक फिट शरीर के लिए अच्छा बैलेंस, शरीर की मोबिलिटी और लचीलापन (Flexibility) भी जरूरी है। अगर शरीर आसानी से अलग-अलग मूवमेंट कर पाता है और रोजमर्रा के काम करते समय ज्यादा परेशानी नहीं होती, तो यह अच्छी फिटनेस का संकेत माना जा सकता है।
फिटनेस कोच वान्या मूव्स ने 8 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कुछ आसान फिटनेस टेस्ट शेयर किए। इन टेस्ट की मदद से आप घर पर ही अपनी बॉडी की मोबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी, बैलेंस और स्ट्रेंथ का अंदाजा लगा सकते हैं।
अगर आप इन टेस्ट को बिना ज्यादा परेशानी के कर लेते हैं, तो यह आपके शरीर की अच्छी मूवमेंट क्षमता का संकेत हो सकता है। हालांकि, अगर किसी एक्सरसाइज के दौरान दर्द या असहजता महसूस हो, तो उसे जबरदस्ती न करें।
- डीप स्क्वाट होल्ड से जांचें पैरों की मोबिलिटी
इस टेस्ट से मुख्य रूप से टखनों, घुटनों और कूल्हों की मोबिलिटी का पता लगाया जा सकता है। इसे करने के लिए अपने पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर रखें। अब धीरे-धीरे नीचे बैठकर डीप स्क्वाट की स्थिति में आएं। कोशिश करें कि आपकी एड़ियां जमीन पर पूरी तरह टिकी रहें।
अगर इस दौरान आपकी एड़ियां बार-बार ऊपर उठ जाती हैं, शरीर का बैलेंस बिगड़ता है या आपको किसी चीज का सहारा लेना पड़ता है, तो यह आपके निचले शरीर की मोबिलिटी या स्थिरता पर काम करने का संकेत हो सकता है।
- डेड हैंग से जांचें ग्रिप और अपर बॉडी स्ट्रेंथ
दूसरा टेस्ट आपके हाथों की पकड़ (Grip Strength), कंधों के कंट्रोल और शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत को समझने में मदद करता है। इसके लिए एक मजबूत बार को दोनों हाथों से पकड़ें और अपने शरीर को जमीन से ऊपर उठाकर लटकें। कोशिश करें कि आप करीब 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रह सकें। अगर आप 30 सेकंड तक नहीं लटक पाते हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। जितने समय तक आप आराम से लटक पाते हैं, वहीं से शुरुआत करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाएं। इस टेस्ट के लिए मजबूत और सुरक्षित बार का इस्तेमाल करना जरूरी है, खासकर अगर आप पहली बार इसे कर रहे हैं।
- फ्लोर गेट-अप से जांचें शरीर का कंट्रोल
फ्लोर गेट-अप एक ऐसा टेस्ट है जिसमें यह देखा जाता है कि आप जमीन से कितनी आसानी और कंट्रोल के साथ उठ सकते हैं। इसके लिए पहले जमीन पर बैठें या लेटें। फिर कोशिश करें कि बिना हाथों, घुटनों या किसी बाहरी सहारे का इस्तेमाल किए जमीन से उठकर खड़े हो जाएं। अगर आपको उठने के लिए हाथ या घुटने का सहारा लेना पड़ता है, तो फिलहाल वही आपकी शुरुआती क्षमता मानी जा सकती है।
यह मूवमेंट शरीर के बैलेंस, ताकत, कोऑर्डिनेशन और मोबिलिटी को एक साथ चुनौती देता है। कुछ रिसर्च में इस तरह के उठने-बैठने की क्षमता को उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक कार्यक्षमता से जोड़ा गया है।
- फॉरवर्ड फोल्ड से जांचें शरीर का लचीलापन
फॉरवर्ड फोल्ड एक आसान टेस्ट है, जिससे खास तौर पर शरीर के पिछले हिस्से की फ्लेक्सिबिलिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच कूल्हों जितनी दूरी रखें। अब धीरे-धीरे कमर से आगे की ओर झुकें और अपने हाथों को जमीन की तरफ ले जाएं।
अगर आप आसानी से जमीन को छू लेते हैं, तो यह अच्छी फ्लेक्सिबिलिटी का संकेत हो सकता है। वहीं, अगर हाथ जमीन तक नहीं पहुंचते या आगे झुकने में काफी खिंचाव महसूस होता है, तो हैमस्ट्रिंग या कूल्हों के आसपास जकड़न हो सकती है। ध्यान रखें कि आगे झुकते समय अचानक झटका न दें और दर्द होने पर एक्सरसाइज रोक दें।
- सिंगल लेग बैलेंस से जांचें अपना संतुलन
पांचवां टेस्ट आपके बॉडी बैलेंस और टखनों की स्थिरता को समझने में मदद करता है। सीधे खड़े होकर एक पैर को जमीन से ऊपर उठाएं। इसके बाद आंखें बंद करके करीब 30 सेकंड तक एक पैर पर खड़े रहने की कोशिश करें।
अगर आप लगातार लड़खड़ाते हैं, पैर नीचे रखना पड़ता है या संतुलन बनाए रखना मुश्किल होता है, तो आपको अपने बैलेंस और एंकल स्टेबिलिटी पर काम करने की जरूरत हो सकती है। अगर आपको चक्कर आने या गिरने का डर हो, तो यह टेस्ट अकेले न करें और पास में किसी सहारे का इस्तेमाल करें।
फिटनेस का मतलब सिर्फ ताकत नहीं
इन पांच टेस्ट से यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपका शरीर कितना आसानी से मूव करता है, कितना लचीला है और आप अपने शरीर को कितना कंट्रोल कर पाते हैं।
डीप स्क्वाट, डेड हैंग, फ्लोर गेट-अप, फॉरवर्ड फोल्ड और सिंगल लेग बैलेंस जैसे आसान टेस्ट घर पर किए जा सकते हैं। इन्हें अपनी फिटनेस का एक सामान्य संकेत मानें, कोई मेडिकल टेस्ट नहीं। अगर किसी मूवमेंट के दौरान दर्द, चक्कर या ज्यादा परेशानी महसूस हो, तो उसे करने से बचें और जरूरत पड़ने पर किसी फिटनेस प्रोफेशनल या डॉक्टर की सलाह लें।