जालंधर, ENS: सरकारी मिडिल स्कूल कोटला हेरां में खालिस्तानी झंडा लहराने का मामला सामने आया है। इसकी जिम्मेदारी एसएफजे ने ली है। वहीं खालिस्तानी गुरपतवंत पन्नू ने कहा कि कोटला हेरां में स्थित सरकारी स्कूल में उनकी ओर से खालिस्तानी झंडा लहराया गया। इस दौरान अलगाववादी समूह एसएफजे ने सरकारी स्कूल, कोटला हेरां, जालंधर में प्रिंसिपल के दफ्तर के अंदर लगाए गए खालिस्तान जनमत संग्रह झंडे की कच्ची वीडियो फुटेज जारी की।
पन्नू ने कहाकि पंजाब के युवा और किशोर छात्रों, ध्यान से सुनो, जैसे-जैसे 15 अगस्त करीब आ रहा है, मोदी का भारत आपसे अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में खड़े होकर, भारतीय तिरंगा लहराकर और उनके स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की उम्मीद करता है। हम आपको याद दिलाने के लिए यहां हैं कि आपकी पीढ़ी को स्वतंत्र बनाने के लिए किसने अपनी जान की कीमत चुकाई।
आप उन लोगों पर स्वतंत्रता का जश्न जबरन नहीं मना सकते जिनका इतिहास केवल लोहे की मुट्ठी को याद रखता है।” पंजाब की पवित्र भूमि पर तिरंगा लहराने से दूर रहें। यदि आप दिल्ली में अपने आकाओं को खुश करने के लिए इन व्यावसायिक समारोहों को पंजाब के छात्रों और लोगों पर जबरन थोपने की कोशिश करते हैं, तो युवा आपको पूरी तरह से अस्वीकार कर देंगे, और आपको पूरी तरह से “राजनीतिक मृत्यु” का सामना करना पड़ेगा। जनमत संग्रह अभियान हर स्कूल, हर कॉलेज और हर प्रशासनिक केंद्र में जारी रहेगा।