करनालः हरियाणा के करनाल में बीरू वाल्मीकि मर्डर केस में पुलिस ने 24 घंटे बाद 2 मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया। मृतकों की पहचान नीलोखेड़ी के हर्ष (24) और कैथल के मटरवा खेड़ी के बीरबल (29) के रूप में हुई है। दरअसल, देर रात गोगड़ीपुर गांव के पास नहर की पटरी पर हुई मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरफ से करीब 25 राउंड फायर हुए।
पुलिस ने AK-47 राइफल से बदमाशों को ढेर किया। पुलिस की मानें तो पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के आरोपी गोगड़ीपुर गांव के पास देखे गए हैं। सूचना मिलते ही सीआईए की अलग-अलग टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। जब पुलिस ने संदिग्धों को रुकने का संकेत दिया तो उन्होंने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। दरअसल, बुधवार रात को बीरू वाल्मीकि के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वारदात के बाद दिनेश भाऊ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बीरू की 6 महीने पहले शादी हुई थी। वीरवार को बीरू की पत्नी दीपिका सुहाग चूड़ा पहनकर चौक पर बैठ गई थी और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की थी। एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने परिवार से कार्रवाई के लिए 10 घंटे का समय मांगा था। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने बिना चेतावनी फायरिंग की। एक गोली SI मनोज कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। CIA-1 इंचार्ज की जैकेट पर भी गोली लगी। पुलिस ने दोनों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रही। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। एनकाउंटर की सूचना मिलते ही SP नरेंद्र बिजारणिया समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को सुरक्षित कर FSL टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। अब पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और बरामद हथियारों समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।