मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, प्रशासन ने लोगों से की ये अपील
शिमलाः हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहीं चमियाला मार्केट (रौनक बाजार) में ऊपर से चट्टान टूटने के कारण दुकानों और सड़क पर भारी पत्थर गिर गए। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, 224 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं, और 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी पूर्वानुमान ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक राहत के कोई आसार नहीं हैं। 10 और 11 अगस्त को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ‘भारी से भारी वर्षा’ का ऑरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों व पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। मंडी जिले में सबसे अधिक 66 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि कुल्लू में 31 और सिरमौर में 28 सड़कें बंद हैं। मौसम केंद्र शिमला की रिपोर्ट के अनुसार, धर्मशाला में सर्वाधिक 79 मिलीमीटर जोगिंदरनगर में 76, मंडी में 63.4 और राजधानी शिमला में 54.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
कुल्लू जिले में 31 सड़कें और 31 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। सिरमौर में 28 सड़कें, शिमला में 12 सड़कें, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क बंद है। किन्नौर में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड भी अवरुद्ध होने से आवागमन बाधित हो गया है। बिजली आपूर्ति की बात करें तो मंडी के बाद कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित है। शिमला में 7 और सोलन में 3 ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का गंभीर असर पड़ा है, जिसमें शिमला जिले की पांच योजनाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।